अगर आप अपनी जिंदगी में success होना चाहते है तोह एक लक्ष्य बनाइये,अगर आपकी जिंदगी में एक साथ बहुत कुछ चल रहा है,या फिर आप एक साथ कई लक्ष्य पूरा करने का प्रयत्न कर रहे है तोह आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते.क्योकि करोरपति बनना कोई ऐसा काम नहीं की आप एक हाथ में किताब लिए है और याद कर रहे है,दूसरी ओर टीवी देख रहे है,ऐसा करने पर हो सकता है आप exam में पास भी हो जाओ लेकिन दोस्तों अमीर बनने के लिए एक लक्ष्य का होना बहुत ही जरुरी है.
टाटा स्टाइल में आप पैसे से पैसा तो कमा सकते हैं, लेकिन 2 को 4 ही कर सकते हैं। अगर आपको अपना पैसा 2 से 10 करना है और वह भी फटाफट, तो आपको अंबानी स्टाइल में काम करना होगा। पहले स्टाइल में पैसा कमाना जरूरी तो होता है, लेकिन थोड़...ी ईमानदारी के साथ। अब तक टाटा का नाम सिर्फ माओवादियों को लेवी देने के लिए खराब हुआ है। जबकि दूसरे स्टाइल की खासियत यह है कि बस पैसा आना चाहिए। कैसे आ रहा है, यह नहीं देखा जाता! इस थ्योरी में माना जाता है कि पैसा कमाने के रास्ते में आने वाली बाधाओं को पैसे से ही साफ किया जा सकता है और ऐसा करने में कोई बुराई भी नहीं है। शायद यही वजह है कि टाटा आज भी टाटा ही हैं, जबकि अंबानी दुनिया के धन्ना सेठों की लिस्ट में बिल गेट्स को टक्कर देते हैं।
फोटो स्टॉक रखने वाली वेबसाइट भी आपके ऑनलाइन कमाई का जरिया बन सकती है। दुनिया भर में www.shutterstock.com ,www.shutterpoint.com और www. istockphoto.com जैसी कई वेबसाइट फोटो खरीदकर उसका भुगतान करती हैं। इन कंपनियों से टाइअप करके आप मंथली बेसिस पर कमाई कर सकते हैं। कंपनियां प्रोजेक्ट के तौर पर भी आपको असाइनमेंट देती हैं। मेंबर को फोटो वेबसाइट पर सब्मिट करना होता है। इसके बाद साइट की पॉलिसी के अनुसार आपको 15 से 85 फीसदी तक रॉयल्टी मिलती है। इसमें लाखों रुपए तक की कमाई संभव है।
अमीर लोग 50 फीसदी पैसे बचाते हैं. बाकी 50 फीसदी वहां निवेश कर रहे हैं जहां आपको अच्छे रिटर्न मिले. “क्या आपको पता है यदि आप निवेश साधन में तीस साल के लिए 800 रुपये प्रति माह मासिक नेटफ्लिक्स चार्ज को बचाते हैं और निवेश करते हैं जो सालाना 15 प्रतिशत देता है, तो आप 55 लाख रुपये जमा कर सकते हैं? यह बुद्धिमानी से निवेश करने का तरीका है. यदि आपकी आयु 30 वर्ष से कम हैं, तो इक्विटी/स्टॉक-लिंक्ड उत्पादों में अपनी बचत का एक बड़ा हिस्सा निवेश करें. ऋण केवल आपकी बचत का एक छोटा सा हिस्सा होना चाहिए.  म्यूचुअल फंड के माध्यम से, आप अपनी बचत को विभिन्न प्रकार के फंडों में फैला सकते हैं. सोने के लिए 5 फीसदी एक्सपोजर लें. 5 से 10 साल की अवधि के साथ रियल एस्टेट में निवेश न करें, और बेहतर विकल्प हैं, रेगो कहते हैं.
यह एप आपको ऑनलाइन दुनिया से ऑफलाइन दुनिया में ले जाता है. यह एप आपको उन रेस्टोरेंट्स और स्पा में जाने को कहता है जो इस एप के साथ साझेदार हैं. जब आप उनके द्वारा कहे जगह पर खाना खाने, शॉपिंग करने, मूवी देखने जाते हैं तो आपको अपने बिल की फोटो अपलोड करना होता है जिससे आपको कैशबैक मिलता है. जैसे ही आप बिल अपलोड करेंगे तब आपको कुछ कैशबैक मिलेगा जिसका उपयोग कर आप नई मूवी देखने या ऑनलाइन शॉपिंग में कर सकते हैं.
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हम अपने खार्चो को तो रोक नहीं सकते। लिहाजा उन खर्चो में जो रुपए जबरन खर्च होते हैं उन्हें बचाकर हमारा काफी फायदा हो सकता है। जैसे खुल्ले पैसे हम संभालकर रखें, यहां-वहां चिल्लर रखकर भूल जाने की आदत को सुधारें, पुराने कपड़ों की जेब ठीक से चेक करें और पैसे संभाल लें। बाजार में कुछ खास जगहों पर चिल्लर की एवज में मोटे पैसे मिल जाते हैं। मसलन अगर आप 90 रुपए की चिल्लर बेचते हैं तो आपको इसके 100 रुपए मिलेंगे। ऐसे में आपकी 10 रुपए की कमाई हो सकती है। पुराने नोट और खास संख्या के नोट भी महंगे बिकते हैं, जिनके लोग हजारों रुपए तक देते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि उद्यम विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिए आरकेवीवाई के दिशा निर्देशों में परिवर्तन किया जा रहा है। कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग ने 2017-18 तक 24 मिलियन टन दलहन उत्पादन करने की कार्य योजना तैयार कर ली है। प्रति बूंद अधिक फसल का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नाबार्ड ने 5000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक धनराशि के साथ एक समर्पित सूक्ष्म सिंचाई कोष बनाया गया है।
यदि आप उन लोगों में से एक हैं जो स्वेच्छा से या अनिच्छा से – समय पर अपने क्रेडिट कार्ड और उपयोगिता बिल का भुगतान नहीं करते हैं तो आप इसे जाने बिना बहुत सारे पैसे बर्बाद कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपके पास 2 क्रेडिट कार्ड हैं और आप समय पर देय न्यूनतम राशि को जमा करना भूल जाते हैं, तो आप अकेले देर से शुल्क में बहुत से पैसे का भुगतान करेंगे. मान लीजिए कि आप देर से शुल्क के रूप में हर महीने 1,000 रुपये का भुगतान कर रहे हैं. हालांकि, यदि हर महीने एक ही योजना में निवेश किया जाता है, जो सालाना 8 फीसदी देता हो तो यह वास्तव में आपको 30 सालों में में करीब 15 लाख रुपये ला सकता है. इस प्रकार, यह उल्लेख किए बिना पता चल जाता है कि समय पर हमारे बिलों का भुगतान नहीं करना सबसे बड़ी गलतियों में से एक है जिसे हम आम तौर पर करते हैं और जिसे पहले से बचा जाना चाहिए!
हेलो दोस्तों, मेरा नाम एस. के. सिन्हा है. मुझे ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग तथा कर्रेंट न्यूज़ के बारे में पढ़ना और लोगो को बताना पसंद है. किसी नॉलेज का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है की उसे सीखो और दुसरो तक पंहुचा दो. हम यह यही करेंगे. अब जैसे जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे ही इंडिया भी डिजिटल होता जा रहा है. तो हम भी कुछ सीखेंगे कुछ सिखाएगे, इंडिया को थोड़ा और डिजिटल तथा युवाओ को ससकत बनायगे.
तो मित्रो इसका उत्तर यहाँ से मिलता है। उस समय अफ्रीका और लैटिन अमरीका तक व्यापार का काम दो देशों चीन और भारत से होता था। आप सब जानते ही होंगे कि अफ्रीका दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक क्षेत्र रहा है और आज भी है। इसके अलावा अफ्रीका की चिकित्सा पद्धति भी अद्भुत रही है। सबसे ज्यादा स्वर्ण उत्पादन के कारण अफ्रीका भी एक बहुत अमीर देश रहा है। अंग्रेजों द्वारा दी गयी ४५० साल की गुलामी भी इस देश से वह गुण नहीं छीन पायी जो गुण प्रकृति ने अफ्रीका को दिया। अंग्रेजों ने अफ्रीका को न केवल लूटा बल्कि बर्बरता से उसका दोहन किया। भारत और अफ्रीका का करीब ३००० साल से व्यापारिक सम्बन्ध रहा है। भौगोलिक दृष्टि से समुद्र के रास्ते दक्षिण एशिया से अफ्रीका या लैटिन अमरीका जाने के लिये इंग्लैण्ड के पास से निकलना पड़ता था। तब इंग्लैण्ड वासियों की नज़र इन जहाज़ों पर पड़ गयी। और आप जानते होंगे कि इंग्लैण्ड में कूछ नही था, लोगों का काम लूटना और मार के खाना ही था, ऐसे में जब इन्होने देखा कि माल और सोने भरे जहाज़ भारत जा रहे हैं तो इन्होने जहाज़ों को लूटना शुरू किया। किन्तु अब उन्होंने सोचा कि क्यों न भारत जा कर उसे लूटा जाए।।। तब कूछ लोगों ने मिल कर एक संगठन खड़ा किया और वे इंग्लैण्ड के राजा रानी से मिले और उनसे कहा कि हम भारत में व्यापार करना चाहते हैं हमें लाइसेंस की आवश् यकता है। अब राज परिवार ने कहा कि भारत से कमाया गया धन राज परिवार, मंत्रिमंडल, संसद और अधीकारियों में भी बंटेगा। इस समझौते के साथ सन १७५० में थॉमस रो ईस्ट इण्डिया कम्पनी के नाम से जहांगीर के दरबार में पहुंचा और व्यापार करने की आज्ञा मांगी। और तब से १९४७ तक क्या हुआ है वह तो आप भी जानते है।

4 तुम्हारे बीच लड़ाइयाँ और झगड़े कहाँ से आए? क्या इनकी जड़ तुम्हारे ही अंदर नहीं? क्या ये शरीर का सुख पाने की तुम्हारी ज़बरदस्त लालसाओं की वजह से नहीं, जो तुम्हारे अंगों में लगातार युद्ध करती रहती हैं? 2 तुम चाहते तो हो, फिर भी तुम्हें मिलता नहीं। तुम खून करते और लालच करते हो, और फिर भी हासिल नहीं कर पाते। तुम लड़ाइयाँ और युद्ध करते रहते हो। तुम्हारे पास इसलिए नहीं है, क्योंकि तुम माँगते नहीं। 3 तुम माँगते तो हो, और फिर भी नहीं पाते, क्योंकि तुम गलत इरादे से माँगते हो ताकि तुम इसे शरीर का सुख पाने की लालसाओं पर उड़ा दो।

इस तरीके का इस्तमाल करके भी आप बहुत सारे पैसे YouTube से कमा सकते हो और वो भी बहुत ही कम समय में. इसके लिए आपको कोई भी अच्छा एक Product चुनना होगा, फिर उसे इस्तमाल कर उसके ऊपर एक Review video बनाना होगा और उसके बाद उसकी Purchase link देनी होगी description में जिससे की आपके Viewers उसे खरीद सकें और जिसके की आपको Purchase के हिसाब से commission मिलती है.


Elon Reeve Musk (born June 28, 1971) is a South African-born American entrepreneur and businessman who founded X.com in 1999 (which later became PayPal), SpaceX in 2002 and Tesla Motors in 2003. Musk became a multimillionaire in his late 20s when he sold his start-up company, Zip2, to a division of Compaq Computers. Musk made headlines in May 2012, when SpaceX launched a rocket that would send the first commercial vehicle to the International Space Station. He bolstered his portfolio with the purchase of SolarCity in 2016, and cemented his standing as a leader of industry by taking on an advisory role in the early days of President Donald Trump's administration.

आलेख की विषय वस्तु भले ही सर्वज्ञात है किन्तु उसे प्रमाणिक स्वरूप देने का यह य्र्यास अच्छा है …भाषा प्रवाह में कतिपय धत्ता विधानों की कमी तथा पुनरावृति दोष से बचें ..आलेख -कुल मिलाकर देशभक्त पूर्ण है किन्तु मोदी जी को सम्मानित करने के फेर मेंअन्य अनेक गुमनाम वास्तविक .राष्ट्रवादियों की उपेक्षा अपने आप ही हो जाना स्वाभाविक है …दिवस दिनेश गौर का आलेख प्रकाशित कर प्रवक्ता .कॉम ने बेहतरीन देशभक्ति पूर्ण कार्य किया है ..साधुवाद …
बनको ज्यान गयो, तर गोरेको सुन भेटिएन । बनको मृत्यु दुर्घटनामा दर्ज भएकोले गोरेलाई आफ्नो सुन खोज्न समय र सुविधा भयो । उप्रेतीले आफ्ना पूर्वलेखा सहयोगी सनम शाक्यले सुन लगेको शंका गरे । आफूसँग काम गरेर तीन महिनाअघि अलग्गिएका शाक्यले षड्यन्त्रपुर्वक सुन गायब बनाएका हुन सक्छन् भनेर उनलाई नियन्त्रणमा लिइयो । सनमसँगै टेकराज मल्ल, कृष्ण भनिने नरेन्द्र कार्की र मोहन काफ्लेलाई नियन्त्रणमा लिएर काठमाडौंबाट मोरङ पुर्याइयो । गाडिमा उनीहरुलाई त्यति टाढा पुर्याइँदा पनि पनि प्रहरीबाट कुनै हस्तक्षेप भएन ।
‘ऑनेस्टी इज़ द बेस्ट पोलिसी’ रखनी चाहिए। लेकिन यह वाक्य अब बेअसर हो गया है। इसलिए अब से हमारा नया वाक्य रखना, ‘डिसओनेस्टी इज़ द बेस्ट फूलिशनेस’। वह पहलेवाला पॉज़िटिव वाक्य लिखकर तो लोग घनचक्कर हो गए हैं। ‘बीवेयर ऑफ थीव्ज़’ का बोर्ड लिखा है, फिर भी लोग लुट गए तो फिर बोर्ड किस काम का? फिर भी लोग यह ‘ऑनेस्टी इज़ द बेस्ट पोलिसी’ का बोर्ड लगाते हैं, फिर भी ऑनेस्टी रह नहीं पाती। तो वह बोर्ड किस काम का? अब तो नये शास्त्रों की और नये सूत्रों की ज़रूरत है। इसलिए हम कहते हैं कि, ‘डिसऑनेस्टी इज़ द बेस्ट फूलिशनेस’ का बोर्ड लगाना।
पिछले कुछ समय मेंऑनलाइन सर्वे जॉब की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है. इसके तहत सर्वे कंपनियां यूजर्स को किसी प्रोडक्ट या सर्विस के लिए इनपुट प्रोवाइड करने का काम देती हैं. इस जॉब की सबसे अच्छी खासियत यह है कि इस सर्वे के लिए आपको कोई इंवेस्टमेंट नहीं करनी पड़ती. हर सर्वे के लिए कंपनी आपको पैसे या रिवार्ड पॉइंट्स देती है, जिनको आप किसी भी शॉपिंग वेबसाइट पर इस्तेमाल कर सकती हैं.
यह असंभव कब्रिस्तान कई यात्री जेटों की अंतिम विश्राम स्थान है। एक विशाल डबल डेकर विमान है, जबकि दूसरा ओरिएंट थाई जेटलाइनर कहा जाता है जो 2007 में फुकेत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विशाल शवों जैसा दिखता है, विमानों को अपने अंदरूनी हिस्सों से अलग कर दिया गया है और अब तत्वों की दया पर निष्क्रिय हैं। कई बेघर परिवारों ने कब्रिस्तान को अपना घर बना दिया है, छोटे शेड में रहते हैं और कभी-कभी अपहरण के हवाई जहाज के अंदर भी।
भगवान क्या कहते हैं कि, ‘तेरा धन होगा न, तो तू पेड़ उगाने जाएगा और तुझे मिल जाएगा। उसके लिए जमीन खोदने की ज़रूरत नहीं है।’ इस धन के लिए बहुत माथापच्ची करने की ज़रूरत नहीं है। बहुत मज़दूरी से तो मात्र मज़दूरी का धन मिलता है। बाकी, लक्ष्मी के लिए बहुत मेहनत की ज़रूरत नहीं है। यह मोक्ष भी मेहनत से नहीं मिलता। फिर भी लक्ष्मी के लिए ऑफिस जाकर बैठना पड़ता है, उतनी मेहनत करनी पड़ती है। गेहूँ उगे हों या नहीं उगे हों, फिर भी तेरी थाली में रोटी आती है या नहीं? ‘व्यवस्थित’ का नियम ही ऐसा है!
आलेख की विषय वस्तु भले ही सर्वज्ञात है किन्तु उसे प्रमाणिक स्वरूप देने का यह य्र्यास अच्छा है …भाषा प्रवाह में कतिपय धत्ता विधानों की कमी तथा पुनरावृति दोष से बचें ..आलेख -कुल मिलाकर देशभक्त पूर्ण है किन्तु मोदी जी को सम्मानित करने के फेर मेंअन्य अनेक गुमनाम वास्तविक .राष्ट्रवादियों की उपेक्षा अपने आप ही हो जाना स्वाभाविक है …दिवस दिनेश गौर का आलेख प्रकाशित कर प्रवक्ता .कॉम ने बेहतरीन देशभक्ति पूर्ण कार्य किया है ..साधुवाद …

पिछले कुछ समय मेंऑनलाइन सर्वे जॉब की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है. इसके तहत सर्वे कंपनियां यूजर्स को किसी प्रोडक्ट या सर्विस के लिए इनपुट प्रोवाइड करने का काम देती हैं. इस जॉब की सबसे अच्छी खासियत यह है कि इस सर्वे के लिए आपको कोई इंवेस्टमेंट नहीं करनी पड़ती. हर सर्वे के लिए कंपनी आपको पैसे या रिवार्ड पॉइंट्स देती है, जिनको आप किसी भी शॉपिंग वेबसाइट पर इस्तेमाल कर सकती हैं.
तो मित्रो इसका उत्तर यहाँ से मिलता है। उस समय अफ्रीका और लैटिन अमरीका तक व्यापार का काम दो देशों चीन और भारत से होता था। आप सब जानते ही होंगे कि अफ्रीका दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक क्षेत्र रहा है और आज भी है। इसके अलावा अफ्रीका की चिकित्सा पद्धति भी अद्भुत रही है। सबसे ज्यादा स्वर्ण उत्पादन के कारण अफ्रीका भी एक बहुत अमीर देश रहा है। अंग्रेजों द्वारा दी गयी ४५० साल की गुलामी भी इस देश से वह गुण नहीं छीन पायी जो गुण प्रकृति ने अफ्रीका को दिया। अंग्रेजों ने अफ्रीका को न केवल लूटा बल्कि बर्बरता से उसका दोहन किया। भारत और अफ्रीका का करीब ३००० साल से व्यापारिक सम्बन्ध रहा है। भौगोलिक दृष्टि से समुद्र के रास्ते दक्षिण एशिया से अफ्रीका या लैटिन अमरीका जाने के लिये इंग्लैण्ड के पास से निकलना पड़ता था। तब इंग्लैण्ड वासियों की नज़र इन जहाज़ों पर पड़ गयी। और आप जानते होंगे कि इंग्लैण्ड में कूछ नही था, लोगों का काम लूटना और मार के खाना ही था, ऐसे में जब इन्होने देखा कि माल और सोने भरे जहाज़ भारत जा रहे हैं तो इन्होने जहाज़ों को लूटना शुरू किया। किन्तु अब उन्होंने सोचा कि क्यों न भारत जा कर उसे लूटा जाए।।। तब कूछ लोगों ने मिल कर एक संगठन खड़ा किया और वे इंग्लैण्ड के राजा रानी से मिले और उनसे कहा कि हम भारत में व्यापार करना चाहते हैं हमें लाइसेंस की आवश् यकता है। अब राज परिवार ने कहा कि भारत से कमाया गया धन राज परिवार, मंत्रिमंडल, संसद और अधीकारियों में भी बंटेगा। इस समझौते के साथ सन १७५० में थॉमस रो ईस्ट इण्डिया कम्पनी के नाम से जहांगीर के दरबार में पहुंचा और व्यापार करने की आज्ञा मांगी। और तब से १९४७ तक क्या हुआ है वह तो आप भी जानते है।

आज कल लोगो को जॉब करने का बिलकुल मन नहीं करता है कोई बिजिनेस करना चाहते है या घर बैठे जॉब करके इन्टरनेट से पैसे कमाना चाहता है लोग सोचते है इंटरनेट से पैसे कमाना बहोत तक और घर बैठे आसानी से डॉलर (Dollar) छाप सकते है लेकिन ये इतना आसान नहीं है अगर आपको इन्टरनेट से ऑनलाइन घर पर काम करके पैसे कमाने है तो इसके लिए आपको बहोत मेहनत करना होगा साथ ही साथ स्मार्ट वर्क (Smart Work) भी करना होगा तभी आप पैसे कम सकते है इन्टरनेट से इसके अलावा आपको कई चीजों का ज्ञान होना भी बेहद जरुर है तो इस आर्टिकल में हम आपको कुछ तरीके बताएँगे जो सभी लोग इस्तेमाल करने है इंटरनेट से पैसे कमाने के लिए तो चलिए आइये जान लेते है इंटरनेट से पैसे कमाने के कोन कोन से तरीके है (internet se ghar par online paise kamane ke tarike).  (How to make money online in hindi) हाउ टो मेक मनी ऑनलाइन
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