भारत की उभरती अर्थव्यवस्था ने कई ऐसे लोगों के सितारे बुलन्द किए, जो पहली बार बिजनेस में उतर रहे थे. आन्या गुप्ता ने उनसे लंबी बातचीत कर उनकी जिंदगियों का 'फर्स्ट पर्सन' ब्यौरा लिया और 'कैप्टनशिप 'नाम से किताब लिखी. ये सीरीज उन आत्मकथाओं का संक्षिप्त रूपांतर है. चित्र अनीता बालचंद्रन के हैं और प्रकाशन ब्लूम्सबरी का. मूल हिंदी अनुवाद भावना पांडेय का है.
हेलो दोस्तों, मेरा नाम एस. के. सिन्हा है. मुझे ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग तथा कर्रेंट न्यूज़ के बारे में पढ़ना और लोगो को बताना पसंद है. किसी नॉलेज का सबसे अच्छा इस्तेमाल यही है की उसे सीखो और दुसरो तक पंहुचा दो. हम यह यही करेंगे. अब जैसे जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वैसे ही इंडिया भी डिजिटल होता जा रहा है. तो हम भी कुछ सीखेंगे कुछ सिखाएगे, इंडिया को थोड़ा और डिजिटल तथा युवाओ को ससकत बनायगे.
Bahut hi asa post dhali hei apne. Mere ku sas mei basa liya jeise hua hei. Kiuki me bhi captcha writing mei join kia tha.mei anjan tha isliye meine join kia. Meine signe kia photo bheja aur address prove ke leye driving license veja photo marke. Bad mei mere se sign liya sign online kor dia. Uske bad ju hua mere pasina sut geya. Mere sign sahit mere photo 100rupeye dalil mei agreement kia hua bhej dia. Me dor goyi kiuki mere pass peise nahi thi. Mere ku 4800 bharana huga jodi mei 10din mei captcha 10000sahi complete na kar saku. Meine nahi kia… Abhi mere ku advocate phone mei notice bhej raha he mei kia koru.. Ap ek upai dijiye… I like your blogs very much

मित्रों भारत को विश्व में सोने की चिड़िया कहा गया किन्तु एक बात सोचने वाली है कि यहाँ तो कोई सोने की खाने नहीं हैं फिर यहाँ विश्व का सबसे बड़ा सोने का भण्डार बना कैसे? यहाँ प्रश्न जरूर पैदा होते हैं किन्तु एक उत्तर यह मिलता है कि हम हमेशा से गरीब नहीं थे। अब जब भारत में सोना नहीं होता तो साफ़ है कि भारत में सोना आया विदेशों से। किन्तु हमने तो कभी किसी देश को नहीं लूटा। इतिहास में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे भारत पर ऐसा आरोप लगाया जा सके कि भारत ने अमुक देश को लूटा, भारत ने अमुक देश को गुलाम बनाया, न ही भारत ने आज कि तरह किसी देश से कोई क़र्ज़ लिया फिर यह सोना आया कहाँ से? तो यहाँ जानकारी लेने पर आपको कूछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिससे पता चलता है कि कालान्तर में भारत का निर्यात विश्व का ३३% था। अर्थात विश्व भर में होने वाले कुल निर्यात का ३३% निर्यात भारत से होता था। हम ३५०० वर्षों तक दुनिया में कपडा निर्यात करते रहे क्यों की भारत में उत्तम कोटी का कपास पैदा होता था। तो दुनिता को सबसे पहले कपडा पहनाने वाला देश भारत ही रहा है। कपडे के बाद खान पान की अनेक वस्तुएं भारत दुनिया में निर्यात करता था क्यों कि खेती का सबसे पहले जन्म भारत में ही हुआ है। खान पान के बाद भारत में करीब ९० अलग अलग प्रकार के खनीज भारत भूमी से निकलते है जिनमे लोहा, ताम्बा, अभ्रक, जस्ता, बौक् साईट, एल्यूमीनियम और न जाने क्या क्या होता था। भारत में सबसे पहले इस्पात बनाया और इतना उत्तम कोटी का बनाया कि उससे बने जहाज सैकड़ों वर्षों तक पानी पर तैरते रहते किन्तु जंग नहीं खाते थे। क्यों की भारत में पैदा होने वाला लौह अयस्क इतनी उत्तम कोटी का था कि उससे उत्तम कोटी का इस्पात बनाया गया। लोहे को गलाने के लिये भट्टी लगानी पड़ती है और करीब १५०० डिग्री ताप की जरूरत पड़ती है और उस समय केवल लकड़ी ही एक मात्र माध्यम थी जिसे जलाया जा सके। और लकड़ी अधिकतम ७०० डिग्री ताप दे सकती है फिर हम १५०० डिग्री तापमान कहा से लाते थे वो भी बिना बिजली के? तो पता चलता है कि भारत वासी उस समय कूछ विशिष्ट रसायनों का उपयोग करते थे अर्थात रसायन शास्त्र की खोज भी भारत ने ही की। खनीज के बाद चिकत्सा के क्षेत्र में भी भारत का ही सिक्का चलता था क्यों कि भारत की औषधियां पूरी दुनिया खाती थी। और इन सब वस्तुओं के बदले अफ्रीका जैसे स्वर्ण उत्पादक देश भारत को सोना देते थे। तराजू के एक पलड़े में सोना होता था और दूसरे में कपडा। इस प्रकार भारत में सोने का भण्डार बना। एक ऐसा देश जहाँ गाँव गाँव में दैनिक जीवन की लगभग सभी वस्तुएं लोगों को अपने ही आस पास मिल जाती थी केवल एक नमक के लिये उन्हें भारत के बंदरगाहों की तरफ जाना पड़ता था क्यों कि नमक केवल समुद्र से ही पैदा होता है। तो विश्व का एक इ तना स्वावलंबी देश भारत रहा है और हज़ारों वर्षों से रहा है और आज भी भारत की प्रकृती इतनी ही दयालु है, इतनी ही अमीर है और अब तो भारत में राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में पेट्रोलियम भी मिल गया है तो आज भारत गरीब क्यों है और प्रकृति की कोई दया नहीं होने के बाद यूरोप इतना अमीर क्यों?
भारत को सबसे बड़ा झटका हॉकी में लगता जब गत चैंपियन टीम मलयेशिया के खिलाफ पेनल्टी शूटऑफ में हराकर एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल की दौड़ से बाहर हो गई और तोक्यो ओलिंपिक 2020 में सीधे प्रवेश का मौका भी गंवा दिया। मलेशियाई टीम ने सडन डैथ में भारत को 7-6 से हराया। भारत ब्रॉन्ज के प्ले आफ में आठ बार के चैंपियन पाकिस्तान से भिड़ेगा। पाकिस्तान को एक अन्य सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। मलयेशिया ने आठ साल पहले ग्वांग्झू में भारत को सेमीफाइनल में हराया था।

इन्टरनेट से पैसे कमाने के लिए आपके ज्ञान ही जरुरी नहीं है अगर आपके पास कुछ अच्छा और अलग टैलेंट है तो आप इन्टरनेट से नाम भी कमा सकते है पोपुलर बन सकते और पैसे भी कमा सकते है आज कल बहोत सारे लोग यही काम कर रहे है इन्टरनेट सिर्फ जानकारी लेने के लिए नहीं बना है यहाँ पर आप अपने टैलेंट जैसे ऑनलाइन कुछ भी कर जैसे डांस सिखा के लोगो को पढ़ा के , गाना सुनाके लोगो को एंटरटेन करके भी अपने नाम कमा सकते है और सेलेब्रिटी भी बन सकते है और साथ ही साथ पैसे भी कमा सकते है तो आइये जान लेते है इंटरनेट से पैसे कमाने के अलग अलग तरीके.
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