9 जो भाई गरीब है वह इसलिए खुशी मनाए* कि उसे ऊँचा किया गया है+ 10 और जो अमीर है वह इसलिए खुशी मनाए कि उसे दीन किया गया है,+ क्योंकि वह ऐसे मिट जाएगा जैसे मैदान में उगनेवाला फूल। 11 जैसे सूरज के चढ़ने पर उसकी तपती धूप से पौधा मुरझा जाता है और उसका फूल सूखकर गिर जाता है और उसकी खूबसूरती मिट जाती है, ठीक वैसे ही अमीर आदमी भी ज़िंदगी की भाग-दौड़ में मिट जाएगा।+
तो मित्रो इसका उत्तर यहाँ से मिलता है। उस समय अफ्रीका और लैटिन अमरीका तक व्यापार का काम दो देशों चीन और भारत से होता था। आप सब जानते ही होंगे कि अफ्रीका दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक क्षेत्र रहा है और आज भी है। इसके अलावा अफ्रीका की चिकित्सा पद्धति भी अद्भुत रही है। सबसे ज्यादा स्वर्ण उत्पादन के कारण अफ्रीका भी एक बहुत अमीर देश रहा है। अंग्रेजों द्वारा दी गयी ४५० साल की गुलामी भी इस देश से वह गुण नहीं छीन पायी जो गुण प्रकृति ने अफ्रीका को दिया। अंग्रेजों ने अफ्रीका को न केवल लूटा बल्कि बर्बरता से उसका दोहन किया। भारत और अफ्रीका का करीब ३००० साल से व्यापारिक सम्बन्ध रहा है। भौगोलिक दृष्टि से समुद्र के रास्ते दक्षिण एशिया से अफ्रीका या लैटिन अमरीका जाने के लिये इंग्लैण्ड के पास से निकलना पड़ता था। तब इंग्लैण्ड वासियों की नज़र इन जहाज़ों पर पड़ गयी। और आप जानते होंगे कि इंग्लैण्ड में कूछ नही था, लोगों का काम लूटना और मार के खाना ही था, ऐसे में जब इन्होने देखा कि माल और सोने भरे जहाज़ भारत जा रहे हैं तो इन्होने जहाज़ों को लूटना शुरू किया। किन्तु अब उन्होंने सोचा कि क्यों न भारत जा कर उसे लूटा जाए।।। तब कूछ लोगों ने मिल कर एक संगठन खड़ा किया और वे इंग्लैण्ड के राजा रानी से मिले और उनसे कहा कि हम भारत में व्यापार करना चाहते हैं हमें लाइसेंस की आवश् यकता है। अब राज परिवार ने कहा कि भारत से कमाया गया धन राज परिवार, मंत्रिमंडल, संसद और अधीकारियों में भी बंटेगा। इस समझौते के साथ सन १७५० में थॉमस रो ईस्ट इण्डिया कम्पनी के नाम से जहांगीर के दरबार में पहुंचा और व्यापार करने की आज्ञा मांगी। और तब से १९४७ तक क्या हुआ है वह तो आप भी जानते है।

जैसे मोदी चाहकर भी थरूर की वजह से कोच्चि को फ्रैंचाइजी लेने से नहीं रोक पाए, उसी तरह दुनिया की कोई भी ताकत नेताओं के सगे-संबंधियों के किसी भी काम को रोकने का साहस नहीं कर पाती, चाहे वह कितना भी गलत या अनैतिक क्यों न हो! ऐसे में पैसा 200 क्या, 1000 गुना सलाना भी बढ़ सकता है। वैसे, इसमें 'मोदियों' का भी दोष कम नहीं होता, क्योंकि रेवड़ी में हिस्सेदारी उन्होंने भी उड़ाई होती है। दुर्भाग्य से कमाई का चौथा स्टाइल मोदियों वाला ही है और देश को खोखला करने वाला सबसे बड़ा घुन यही है।


अगर हम Blogging mein AdSense approval की बात करें तो इसे पाने में अधिकतर Bloggers को 4 से 5 महीने लग जाते हैं वहीँ YouTube में AdSense approval पाना बहुत ही आसान सी बात है. हाँ यहाँ एक बात समझने वाली है की YouTube में AdSense Account “AdSense for content hosts” होता हैं जो की Traditional ads जो की blogs में दिखाते हैं उससे काफी अलग है और differently काम करता है.
nice post apne bahut achi post daali hai. apki post se kafi logo ko ye pta chal hai ki scam ky hai or isse kese bach sakte hai. mere sath bhi do teen baar scam ho chuka hai. lekin pichle teen char saal se market me rahne k karan muje iski knowledge ho chuki h. ab me koi bhi kaam krta hu to kafi soch samaj ke dekh parkh kr ke kaam ko krta hai. me is post ko padhne wale k ek bolna chahunga ki koi bhi kaam kro to soch samaj ke kro. or khud ka faisla lo dusre ki baato m mat aao.
ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो अपनी website या blog बनाकर बहुत सारा पैसा कमाना चाहते हैं, लेकिन बहुत से लोगों के मन में कुछ सवाल आते हैं जैसे blog बनाने के लिए कितने पैसे खर्च करने पड़ेंगे ? Website बनाने में कितना खर्चा आता है ? Blog बनाने के लिए कितने पैसे चाहिए ? Website बनाने में कितना पैसा लगता है ? Blog या website बनाने में कितना पैसा लगता है ? इस तरह के सभी सवालों के जवाब आपको इस पोस्ट में मिल जाएंगे।
Make Money in Hindi : यह आसानी से हो जाता है। जीवनयापन की खातिर आपको नौकरी की ज़रूरत होती है; हम सबको होती है। नौकरी आपका बहुत सारा वक्त तथा ऊर्जा खा जाती है। आपके पास यह सोचने की फुरसत या शक्ति ही नहीं बचती है कि आप ज़्यादा पैसे कमाने के लिए इससे अलग या बेहतर क्या कर सकते हैं। हममें से ज़्यादातर लोग अपने वित्तीय मामलों को भूलने के दोषी हैं। सच कहा जाए तो हमारे पास जो ख़ाली समय होता है, उसे हम बहुत क़ीमती मानते है। हमें लगता है कि उस बेशक़ीमती वक्त में अपनी वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करने या जीवन/कैरियर परिवर्तन की योजना बनाने के बजाय (जो हमें बहुत पहले ही कर लेना चाहिए था) हम ज़्यादा रोचक और रोमांचक काम कर सकते हैं।
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