मित्रों भारत को विश्व में सोने की चिड़िया कहा गया किन्तु एक बात सोचने वाली है कि यहाँ तो कोई सोने की खाने नहीं हैं फिर यहाँ विश्व का सबसे बड़ा सोने का भण्डार बना कैसे? यहाँ प्रश्न जरूर पैदा होते हैं किन्तु एक उत्तर यह मिलता है कि हम हमेशा से गरीब नहीं थे। अब जब भारत में सोना नहीं होता तो साफ़ है कि भारत में सोना आया विदेशों से। किन्तु हमने तो कभी किसी देश को नहीं लूटा। इतिहास में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे भारत पर ऐसा आरोप लगाया जा सके कि भारत ने अमुक देश को लूटा, भारत ने अमुक देश को गुलाम बनाया, न ही भारत ने आज कि तरह किसी देश से कोई क़र्ज़ लिया फिर यह सोना आया कहाँ से? तो यहाँ जानकारी लेने पर आपको कूछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिससे पता चलता है कि कालान्तर में भारत का निर्यात विश्व का ३३% था। अर्थात विश्व भर में होने वाले कुल निर्यात का ३३% निर्यात भारत से होता था। हम ३५०० वर्षों तक दुनिया में कपडा निर्यात करते रहे क्यों की भारत में उत्तम कोटी का कपास पैदा होता था। तो दुनिता को सबसे पहले कपडा पहनाने वाला देश भारत ही रहा है। कपडे के बाद खान पान की अनेक वस्तुएं भारत दुनिया में निर्यात करता था क्यों कि खेती का सबसे पहले जन्म भारत में ही हुआ है। खान पान के बाद भारत में करीब ९० अलग अलग प्रकार के खनीज भारत भूमी से निकलते है जिनमे लोहा, ताम्बा, अभ्रक, जस्ता, बौक् साईट, एल्यूमीनियम और न जाने क्या क्या होता था। भारत में सबसे पहले इस्पात बनाया और इतना उत्तम कोटी का बनाया कि उससे बने जहाज सैकड़ों वर्षों तक पानी पर तैरते रहते किन्तु जंग नहीं खाते थे। क्यों की भारत में पैदा होने वाला लौह अयस्क इतनी उत्तम कोटी का था कि उससे उत्तम कोटी का इस्पात बनाया गया। लोहे को गलाने के लिये भट्टी लगानी पड़ती है और करीब १५०० डिग्री ताप की जरूरत पड़ती है और उस समय केवल लकड़ी ही एक मात्र माध्यम थी जिसे जलाया जा सके। और लकड़ी अधिकतम ७०० डिग्री ताप दे सकती है फिर हम १५०० डिग्री तापमान कहा से लाते थे वो भी बिना बिजली के? तो पता चलता है कि भारत वासी उस समय कूछ विशिष्ट रसायनों का उपयोग करते थे अर्थात रसायन शास्त्र की खोज भी भारत ने ही की। खनीज के बाद चिकत्सा के क्षेत्र में भी भारत का ही सिक्का चलता था क्यों कि भारत की औषधियां पूरी दुनिया खाती थी। और इन सब वस्तुओं के बदले अफ्रीका जैसे स्वर्ण उत्पादक देश भारत को सोना देते थे। तराजू के एक पलड़े में सोना होता था और दूसरे में कपडा। इस प्रकार भारत में सोने का भण्डार बना। एक ऐसा देश जहाँ गाँव गाँव में दैनिक जीवन की लगभग सभी वस्तुएं लोगों को अपने ही आस पास मिल जाती थी केवल एक नमक के लिये उन्हें भारत के बंदरगाहों की तरफ जाना पड़ता था क्यों कि नमक केवल समुद्र से ही पैदा होता है। तो विश्व का एक इ तना स्वावलंबी देश भारत रहा है और हज़ारों वर्षों से रहा है और आज भी भारत की प्रकृती इतनी ही दयालु है, इतनी ही अमीर है और अब तो भारत में राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में पेट्रोलियम भी मिल गया है तो आज भारत गरीब क्यों है और प्रकृति की कोई दया नहीं होने के बाद यूरोप इतना अमीर क्यों?
उच्च प्रोफ़ाइल व्यक्तियों के हजारों जो अपने सामाजिक मीडिया प्रोफाइल का प्रबंधन करने के लिए समय नहीं है वहाँ रहे हैं. तुम अपनी खुद की एजेंसी शुरू और प्रबंध प्रोफाइल की सेवा प्रदान कर सकते हैं. क्योंकि अगर आप एक सामाजिक मीडिया प्रबंधक के रूप में वेतन से जुड़ने पर आप संतुष्ट नहीं हो सकता. लेकिन क्या आप फेसबुक जैसी विभिन्न सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छा ज्ञान होना चाहिए, ट्विटर, लिंक्डइन आदि.

नमस्कार दोस्तों, मैं Prabhanjan, HindiMe(हिन्दीमे) का Technical Author & Co-Founder हूँ. Education की बात करूँ तो मैं एक Enginnering Graduate हूँ. मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है. मेरी आपसे विनती है की आप लोग इसी तरह हमारा सहयोग देते रहिये और हम आपके लिए नईं-नईं जानकारी उपलब्ध करवाते रहेंगे. :) #We HindiMe Team Support DIGITAL INDIA

यह अब कोई राज़ की बात नहीं है कि देश के तमाम विकास परियोजनाओं ने सबसे ज्यादा विकास नेताओं का किया है और इसमें उनके परिवार और महिला- पुरुष मित्रों ने अहम भूमिका निभाई है। दिल्ली को ही लीजिए। ब्लूलाइन बस से लेकर ऑटो तक और जल बोर्ड के पानी टैंकरों से लेकर प्रॉपर्टी के बिजनेस तक, नेताओं के सगे-संबंधियों की ही तूती बोलती है, नेताजी कहीं नहीं होते। वे होते हैं, तो बस पर्दे के पीछे।

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भारतीयों ने निर्धारित समय और शूटऑफ में कई मौके गंवाए । दोनों टीमें 60 मिनट के बाद 2-2 से बराबरी पर थी । शूट ऑफ में मलेशिया ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरी बार एशियाड फाइनल में प्रवेश किया। भारत ने ग्रुप चरण में 76 गोल किये लेकिन सडन डैथ में एस वी सुनील मौका चूक गए। आकाशदीप सिंह और हरमनप्रीत सिंह पहले पांच शाट में गोल कर सके जबकि मनप्रीत, दिलप्रीत सिंह और सुनील चूक गए।
कुछ लोगों ने तो बेईमानी को सही ठहराने के लिए ईमानदारी की परिभाषा ही बदल दी। वित्तीय कारोबार में काम करनेवाला टॉम कहता है: “लोगों के हिसाब से ईमानदारी का मतलब सच का साथ देना नहीं है, बल्कि इस तरह बेईमानी करना है कि पकड़े न जाओ।” डेविड जो पहले एक कंपनी में बड़े पद पर काम करता था, कहता है: “बेईमानी करनेवाले का जब भाँडा फूटता है, तो सब उस पर थू-थू करते हैं। लेकिन अगर वही इंसान कानून से साफ बच जाए तो कोई कुछ नहीं कहता। उलटा लोग दाद देते हैं: ‘मानना पड़ेगा उसे, कमाल का दिमाग पाया है!’”
16 इसलिए तुम एक-दूसरे के सामने खुलकर अपने पाप मान लो और एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करो, ताकि तुम अच्छे हो जाओ। जब नेक इंसान प्रार्थना में मिन्‍नतें करता है और जब ये प्रार्थनाएँ सुनी जाती हैं, तो उनका ज़बरदस्त असर हो सकता है। 17 एलिय्याह भी हमारे जैसी भावनाएँ रखनेवाला इंसान था, और फिर भी जब उसने प्रार्थना में बिनती की कि बारिश न हो, तो देश पर साढ़े तीन साल तक बारिश नहीं हुई। 18 और जब उसने फिर प्रार्थना की, तो आकाश से बारिश हुई और धरती ने अपनी पैदावार दी।
आज कल ज्यादातर लोग offline से ज्यादा online course लेना पसंद कर रहे हैं. आखिर ये online course होता क्या है? ये एक platform है जहाँ लोग पैसे खर्च करके अपना मन पसंद skill सिख सकते है. मान लीजिये आपको Photography में interest है. तो ये सिखने केलिए आपको एक academy को join करना होगा. अब ये तो मुमकिन नहिं के आप जो पढ़ना या सीखना चाहते हैं वो आपके घर के पास हो; इसके लिए आपको बाहर भी जाना पड़ सकता है. पर online tution के जरिये कोई भी घर बैठे अपना मन चाहा course ले सकता है.

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तो मित्रों अब मुझे समझ आया कि भारत इतना गरीब कैसे हुआ, किन्तु एक प्रश्न अभी भी सामने है कि स्वीटजरलैंड जैसा देश आज इतना अमीर कैसे है जो आज भी किसी भी प्रकार का कार्य न करने पर भी मज़े कर रहा है। तो मित्रों यहाँ आप जानते होंगे कि स्वीटजरलैंड में स्विस बैंक नामक संस्था है, केवल यही एक काम है जो स्वीटजरलैंड को सबसे अमीर देश बनाए बैठा है। स्विस बैंक एक ऐसा बैंक है जो किसी भी व्यक्ति का कित ना भी पैसा कभी भी किसी भी समय जमा कर लेता है। रात के दो बजे भी यहाँ काम चलता मिलेगा। आपसे पूछा भी नहीं जाएगा कि यह पैसा आपके पास कहाँ से आया? और उसपर आपको एक रुपये का भी ब्याज नहीं मिलेगा। और ये बैंक आपसे पैसा लेकर भारी ब्याज पर लोगों को क़र्ज़ देता है। खाताधारी यदि अपना पैसा निकालने से पहले यदि मर जाए तो उस पैसा का मालिक स्विस बैंक होगा, क्यों कि यहाँ उत्तराधिकार जैसी कोई परम्परा नहीं है। और स्वीटजरलैंड अकेला नहीं है, ऐसे ७० देश और हैं जहाँ काला धन जमा होता है इनमे पनामा और टोबैको जैसे देश हैं।
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इन रिकॉर्ड्स में मेडिकल हिस्ट्री व फिजिकल रिपोर्ट, क्लिनिक रिपोर्ट, ऑफिस नोट्स, ऑपरेटिव नोट्स, कंसल्टेशन नोट्स, डिस्चार्ज समरी, मनोचिकित्सक आकलन, पैथोलॉजी-लैब रिपोर्ट व एक्सरे रिपोर्ट(Medical History, Physical Report, Clinical Report, Office Notes, Operative Notes, Consultation Notes, Discharge Summary, Psychiatrist Assessment, Pathological and Lab Reports and X-Ray Reports) इत्यादि शामिल हैं।
गुरुवार को प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते हुए एसपी डॉ सत्यप्रकाश ने बताया कि बुधवार की सुबह बारुण ओवरब्रिज के समीप डेहरी के व्यवसायी संजीत कुमार जायसवाल की स्कार्पियो लूटने के उद्देश्य से गोली मारकर हत्या कर दी थी. पूछताछ के क्रम में बताया है कि इस घटना में श्रवण पासवान व अमित सिंह भी शामिल थे. स्कार्पियो को लूट कर रांची में ले जाना था और वहां पर किसी बड़े आदमी का अपहरण कर फिरौती की वसूली करनी थी.
भारतीय कोच हरेंद्र सिंह ने स्वीकार किया, ‘मलयेशिया जीत का हकदार था। हमने काफी गलतियां कीं और इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। हम चीजों को सामान्य नहीं रख पाए। हमने अपना भारतीय कौशल दिखाने की कोशिश की और ऐसा करते हुए लय गंवा दी। यह भारतीय हॉकी के लिए बड़ा झटका है। ओलिंपिक के लिए राह अब कहीं अधिक मुश्किल होगी। हमने क्वॉलिफाइ करने का सबसे आसान मौका गंवा दिया।’
भारत की चार गुणा 400 मीटर महिला रिले टीम ने आज यहां एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में अपने दबदबे को कायम रखते हुए लगातार पांचवां स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हिमा दास, एम आर पूवम्मा, सरिताबेन गायकवाड़ और विस्मया वेलुवा कोरोथ की भारतीय महिला चौकड़ी ने तीन मिनट और 28.72 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। बहरीन (3:30.61) और वियतनाम (3:33.23) ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक हासिल किये। भारत 2002 एशियाई खेलों के बाद से ही इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करता आ रहा है।
3 मेरे भाइयो, हम में से बहुत लोग शिक्षक न बनें, क्योंकि हम जानते हैं कि हम और भी कठोर दंड पाएँगे। 2 इसलिए कि हम सब कई बार गलती करते हैं।* अगर कोई बोलने में गलती नहीं करता, तो वह सिद्ध इंसान है और अपने पूरे शरीर को भी काबू में रख सकता है।* 3 हम घोड़े के मुँह में लगाम लगाते हैं ताकि वह हमारा कहना माने और इससे हम उसके पूरे शरीर को भी काबू में कर पाते हैं। 4 ध्यान दो! पानी के जहाज़ भी हालाँकि इतने बड़े होते हैं और तेज़ हवाओं से चलाए जाते हैं, फिर भी एक छोटी-सी पतवार के ज़रिए नाविक अपनी मरज़ी के मुताबिक जहाँ चाहे वहाँ उन्हें ले जा सकता है।
अगर आप नहीं जानते ब्लॉग बनाने के लिए क्या चाहिए तो आप ये पोस्ट पढ़े वेबसाइट या ब्लॉग बनाने के लिए क्या क्या चाहिएजैसे ही आप अपने ब्लॉग बना लेते है इसके बाद आपको रोजाना पोस्ट यानि आर्टिकल लिखना है किसी भी टॉपिक पर जिसके बारे में आपको अच्छे से ज्ञान हो जैसे ही आपके ब्लॉग पे रोजाना अच्छा खासा ट्रैफिक आने लगे यानि लोग आपके ब्लॉग को पढने लगे तो इसके बाद आप अपने ब्लॉग पर एडवरटाइजिंग (Advertising) दिखा कर पैसे (Paise) कमा सकते है तो इसके लिए आप गूगल ऐडसेंस का इस्तेमाल कर सकते है इसके अलावा आप अफ्फीलियेट मार्केटिंग (affiliate marketing) या फिर स्पोंसर कंटेंट लिख कर भी ब्लॉग से पैसे कमा सकते है लेकिन ब्लॉग में आप एकदम से पैसे नहीं कमा सकते है इसके लिए कुछ समय लगता है और साथ में आपको हार्ड वर्क भी करना होगा.
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