11. ऑनलाइन बिक्रीः ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रॉडक्ट को ईबे, अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी शॉपिंग वेबसाइट्स पर बेचकर लाखों कमा रहे हैं. आपको सिर्फ एक अच्छा प्रॉडक्ट चाहिए, इसके बाद ऐसी किसी भी साइट पर साइनअप करें, अपने प्रॉडक्ट को प्राइस के साथ लिस्ट करें और बेचना शुरू कर दें. आपको किसी से बात करने की भी जरूरत नहीं. आपको ऑर्डर मेलबॉक्स के जरिए मिल जाएगा और कुरियर कंपनी के जरिए उसे डिलिवर कर दें, बस.
11. ऑनलाइन बिक्रीः ऐसे कई लोग हैं जो अपने प्रॉडक्ट को ईबे, अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी शॉपिंग वेबसाइट्स पर बेचकर लाखों कमा रहे हैं. आपको सिर्फ एक अच्छा प्रॉडक्ट चाहिए, इसके बाद ऐसी किसी भी साइट पर साइनअप करें, अपने प्रॉडक्ट को प्राइस के साथ लिस्ट करें और बेचना शुरू कर दें. आपको किसी से बात करने की भी जरूरत नहीं. आपको ऑर्डर मेलबॉक्स के जरिए मिल जाएगा और कुरियर कंपनी के जरिए उसे डिलिवर कर दें, बस.
5 अरे धनवानो, सुनो, तुम पर जो मुसीबतें आनेवाली हैं उनकी वजह से दहाड़ें मार-मारकर रोओ। 2 तुम्हारी धन-दौलत सड़ गयी है और तुम्हारे कपड़े कीड़े खा गए हैं। 3 तुम्हारे सोने और चाँदी में ज़ंग लग गया है, और उनका ज़ंग तुम्हारे खिलाफ गवाही देगा और तुम्हारा माँस खा जाएगा। तुमने आखिरी दिनों के लिए जो जमा किया है वह असल में आग है। 4 देखो! जिन मज़दूरों ने तुम्हारे खेतों में कटाई की तुमने उनकी मज़दूरी मार ली है। उनकी वही मज़दूरी तुम्हारे खिलाफ चिल्ला रही है और मदद के लिए उनकी यह पुकार सेनाओं के यहोवा के कानों तक जा पहुँची है। 5 तुम इस धरती पर ऐशो-आराम में जीते रहे और शरीर के सुख भोगने में लगे रहे। तुम्हारे दिल उन जानवरों की तरह मोटे हो गए हैं, जिन्हें काटने से पहले खिला-खिलाकर मोटा-ताज़ा किया जाता है। 6 तुमने उस नेक जन को दोषी ठहराकर मार डाला। क्या वह तुम्हारा विरोध नहीं कर रहा?

यह भी समझने की आवश्यकता है कि निवेशक की उम्र के साथ साथ कैसे उसका रिस्क प्रोफ़ायल भी बदलता है। कम उम्र का निवेशक अधिक रिस्क ले कर आक्रामक रूप से निवेश कर सकता है क्योंकि उसके पास अधिक कमाई करने के लिए अभी बहुत समय है और हो सकता है कि उस पर बहुत अधिक जिम्मेदारियाँ ना हों। 40 से 50 की उम्र तक आते आते रिस्क लेने की क्षमता कम हो जाती है और ज़िम्मेदारियाँ बढ़ जातीं हैं। इस उम्र में डिफ़ेंसिव हो कर कैसे निवेश करें यह भी समझना आवश्यक है।


बांगगढ़ किला कहा जाता है कि सबसे प्रेतवाधित जगह है इंडिया! बंगाल के त्याग किए गए प्राचीन शहर राजस्थान में पहाड़ियों की अरवली पर्वत में सरिस्का रिजर्व की सीमा पर पाए जा सकते हैं। यह 17 में बनाया गया थाth शताब्दी और पहाड़ों के पैर पर भूमि के एक बड़े क्षेत्र को कवर करने वाले मंदिरों, महल और कई द्वार होते हैं। हालांकि इसे 1783 में पूरी तरह से त्याग दिया गया था, स्थानीय लोगों ने अपने गांव को कहीं और ले जाया था।
मित्रों भारत को विश्व में सोने की चिड़िया कहा गया किन्तु एक बात सोचने वाली है कि यहाँ तो कोई सोने की खाने नहीं हैं फिर यहाँ विश्व का सबसे बड़ा सोने का भण्डार बना कैसे? यहाँ प्रश्न जरूर पैदा होते हैं किन्तु एक उत्तर यह मिलता है कि हम हमेशा से गरीब नहीं थे। अब जब भारत में सोना नहीं होता तो साफ़ है कि भारत में सोना आया विदेशों से। किन्तु हमने तो कभी किसी देश को नहीं लूटा। इतिहास में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे भारत पर ऐसा आरोप लगाया जा सके कि भारत ने अमुक देश को लूटा, भारत ने अमुक देश को गुलाम बनाया, न ही भारत ने आज कि तरह किसी देश से कोई क़र्ज़ लिया फिर यह सोना आया कहाँ से? तो यहाँ जानकारी लेने पर आपको कूछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिससे पता चलता है कि कालान्तर में भारत का निर्यात विश्व का ३३% था। अर्थात विश्व भर में होने वाले कुल निर्यात का ३३% निर्यात भारत से होता था। हम ३५०० वर्षों तक दुनिया में कपडा निर्यात करते रहे क्यों की भारत में उत्तम कोटी का कपास पैदा होता था। तो दुनिता को सबसे पहले कपडा पहनाने वाला देश भारत ही रहा है। कपडे के बाद खान पान की अनेक वस्तुएं भारत दुनिया में निर्यात करता था क्यों कि खेती का सबसे पहले जन्म भारत में ही हुआ है। खान पान के बाद भारत में करीब ९० अलग अलग प्रकार के खनीज भारत भूमी से निकलते है जिनमे लोहा, ताम्बा, अभ्रक, जस्ता, बौक् साईट, एल्यूमीनियम और न जाने क्या क्या होता था। भारत में सबसे पहले इस्पात बनाया और इतना उत्तम कोटी का बनाया कि उससे बने जहाज सैकड़ों वर्षों तक पानी पर तैरते रहते किन्तु जंग नहीं खाते थे। क्यों की भारत में पैदा होने वाला लौह अयस्क इतनी उत्तम कोटी का था कि उससे उत्तम कोटी का इस्पात बनाया गया। लोहे को गलाने के लिये भट्टी लगानी पड़ती है और करीब १५०० डिग्री ताप की जरूरत पड़ती है और उस समय केवल लकड़ी ही एक मात्र माध्यम थी जिसे जलाया जा सके। और लकड़ी अधिकतम ७०० डिग्री ताप दे सकती है फिर हम १५०० डिग्री तापमान कहा से लाते थे वो भी बिना बिजली के? तो पता चलता है कि भारत वासी उस समय कूछ विशिष्ट रसायनों का उपयोग करते थे अर्थात रसायन शास्त्र की खोज भी भारत ने ही की। खनीज के बाद चिकत्सा के क्षेत्र में भी भारत का ही सिक्का चलता था क्यों कि भारत की औषधियां पूरी दुनिया खाती थी। और इन सब वस्तुओं के बदले अफ्रीका जैसे स्वर्ण उत्पादक देश भारत को सोना देते थे। तराजू के एक पलड़े में सोना होता था और दूसरे में कपडा। इस प्रकार भारत में सोने का भण्डार बना। एक ऐसा देश जहाँ गाँव गाँव में दैनिक जीवन की लगभग सभी वस्तुएं लोगों को अपने ही आस पास मिल जाती थी केवल एक नमक के लिये उन्हें भारत के बंदरगाहों की तरफ जाना पड़ता था क्यों कि नमक केवल समुद्र से ही पैदा होता है। तो विश्व का एक इ तना स्वावलंबी देश भारत रहा है और हज़ारों वर्षों से रहा है और आज भी भारत की प्रकृती इतनी ही दयालु है, इतनी ही अमीर है और अब तो भारत में राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में पेट्रोलियम भी मिल गया है तो आज भारत गरीब क्यों है और प्रकृति की कोई दया नहीं होने के बाद यूरोप इतना अमीर क्यों?
5 इसलिए अगर तुममें से किसी को बुद्धि की कमी हो तो वह परमेश्‍वर से माँगता रहे+ और वह उसे दी जाएगी,+ क्योंकि परमेश्‍वर सबको उदारता से और बिना डाँटे-फटकारे* देता है।+ 6 लेकिन वह विश्‍वास के साथ माँगता रहे+ और ज़रा भी शक न करे,+ क्योंकि जो शक करता है वह समुंदर की लहरों जैसा होता है जो हवा से यहाँ-वहाँ उछलती रहती हैं। 7 दरअसल ऐसा इंसान यह उम्मीद न करे कि वह यहोवा* से कुछ पाएगा। 8 ऐसा इंसान उलझन में रहता है*+ और सारी बातों में डाँवाँडोल होता है।
क्यूबर अपनी तरह का एक प्रकार है और लाइफटाइम रॉयल्टी कमाई करने वाला ऐप है – त्वरित रिचार्ज से बिल पे को शॉप और कमाई से कई विशेषताएं हैं। इतना है कि आप इसके साथ कर सकते हैं! यह मोबाइल रिचार्ज, पोस्ट-पेड बिल भुगतान, गैस बिल, बिजली और डेटा कार्ड बिल, बीमा, बुकिंग बस टिकट और यहां तक ​​कि ऑनलाइन शॉपिंग के लिए एक भी आवेदन है। क्यूबर एक सामाजिक आर्थिक समुदाय के रूप में विकसित किया गया है, हर किसी के लिए एक मंच और सब कुछ
×