हमसे अक्सर पूछा जाता है की whatsapp se paise kaise kamaye तो आप affiliate marketing से whatsapp se paise  kama sakte hai.अगर आप ऑनलाइन काफी अच्छी इनकम करना चाहते है .और आप इसके लिए हार्ड वर्क कर सकते है तो आपके लिए एफिलिएट मार्केटिंग बहुत बढ़िया तरीका है . जैसे जैसे हम ज्यादा से ज्यादा इंटरनेट से जुड़ रहे है उतना ही एफिलिएट मार्केटिंग से पैसा कमाने के चांस बढ़ रहे है औरआप बहुत ज्यादा पैसे कमा सकते है .

PPC (Pay per click) या Cost per click (CPC) एक internet advertising model है, जिसे की websites में traffic लाने के लिए किया जाता है, और जब भी viewers द्वारा ads पर click होता है तब advertisers publishers को पैसे देते हैं. ऐसे बहुत से network मेह्जुद हैं जैसे Viral9, Revcontent इत्यादि. इसके लिए आपकी ऐसे network में signup करना होता है, फिर उनके contents को share करना पड़ता है और clicks के अनुसार आपको पैसे मिलते हैं. और अगर आपके Fans टियर 1 countries से हुए तो फिर आप और भी ज्यादा पैसे कमा सकते हैं.
एक चीज़ तो हमें पहले से ही पता है की अगर किसी चीज़ को करने में आपको मज़ा आता है तो यकीन मानिये उस काम को करने से आपको ये कभी नहीं लगेगा की आप कोई काम कर रहे हैं. बल्कि ऐसे काम करने में आपकी रूचि और बढ़ेगी. इसके साथ साथ अगर उस काम को करने से आपको पैसे भी मिल जाये तो क्या बात है. Facebook का इस्तमाल हम सभी लोग रोजाना करते हैं तो मैंने सोचा क्यूँ न आप लोगों को ये बता दिया जाये की फेसबुक से पैसे कैसे कमाए. तो बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं.
कैप्चा के बारे में सब जानते होंगे। जब भी आप कहीं अपनी आईडी बनाते हैं या ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो आपको वहां कैप्चा डालना होता है। आपको बता दें कि कैप्चा इंट्री भी आपको पैसे दिला सकती है। देश और दुनिया में कई ऐसी कंपनियां हैं जिन्हें हजारों और लाखों की संख्या में वेबसाइट की जरूरत है, जिसको कैप्चा के जरिए सुरक्षित किया जाता है। ऐसे में आप कैप्चा सॉल्व कर भी पैसे कमा सकते हैं। हर 1000 कैप्चा सॉल्व करने पर आप 1 से 2 डॉलर कमा सकते हैं।
किन्तु आज भी अंग्रेजों के बनाए सभी क़ानून यथावत चल रहे हैं अंग्रेजों की चिकित्सा पद्धति यथावत चल रही है। और कूछ काम तो हमारे देश के नेताओं ने अंग्रेजों से भी बढ़कर किये। अंग्रेजों ने भारत को लूटने के लिये २३ प्रकार के टैक्स लगाए किन्तु इन काले अंग्रेजों ने ६४ प्रकार के टैक्स हम भारत वासियों पर थोप दिए। और इसी टैक्स को बचाने के लिये देश के लोगों ने टैक्स की चोरी शुरू की जिससे काला बाजारी जैसी समस्या सामने आई। मंत्रियों ने इतने घोटाले किये कि देश की जनता भूखी मरने लगी। भारत की आज़ादी के बाद जब पहली बार संसद बैठी और चर्चा चल रही थी राष्ट्र निर्माण की तो कई सांसदों ने नेहरु से कहा कि वह इंग्लैण्ड से वह उधार की राशी मांगे जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय अंग्रेजों ने भारत से उधार के तौर पर ली थी और उसे राष्ट्र निर्माण में लगाए। किन्तु नेहरु ने कहा कि अब वह राशि भूल जाओ। तब सांसदों का कहना था कि इन्होने जो २०० साल तक हम पर जो अत्याचार किया है क्या उसे भी भूल जाना चाहिए? तब नेहरु ने कहा कि हाँ भूलना पड़ेगा, क्यों कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सब कूछ भुलाना पड़ता है। और तब यही से शुरुआत हुई सता की लड़ाई की और राष्ट्र निर्माण तो बहुत पीछे छूट गया था।
ऑनलाइन सेलर बने, यदि आपके पास कोई प्रोडक्ट है जिसे आप अभी अपनी शॉप पर रखकर बेचते हैं या मार्केट में बेचने जाते हैं तो आप आज के बाद से ही यह प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचना शुरू कर दें. क्योंकि इंटरनेट की दुनिया में आपको ग्राहक मिलने की कोई कमी नहीं रहेगी ना ही आपको किसी से कहना पड़ेगा कि आप मेरा प्रोडक्ट खरीद लो, बस आपको एक बार अपने प्रोडक्ट के बारे में बताना होगा उसका एक फोटो देना होगा और अपने हिसाब से कीमत तय करनी होगी.
मित्रों भारत को विश्व में सोने की चिड़िया कहा गया किन्तु एक बात सोचने वाली है कि यहाँ तो कोई सोने की खाने नहीं हैं फिर यहाँ विश्व का सबसे बड़ा सोने का भण्डार बना कैसे? यहाँ प्रश्न जरूर पैदा होते हैं किन्तु एक उत्तर यह मिलता है कि हम हमेशा से गरीब नहीं थे। अब जब भारत में सोना नहीं होता तो साफ़ है कि भारत में सोना आया विदेशों से। किन्तु हमने तो कभी किसी देश को नहीं लूटा। इतिहास में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे भारत पर ऐसा आरोप लगाया जा सके कि भारत ने अमुक देश को लूटा, भारत ने अमुक देश को गुलाम बनाया, न ही भारत ने आज कि तरह किसी देश से कोई क़र्ज़ लिया फिर यह सोना आया कहाँ से? तो यहाँ जानकारी लेने पर आपको कूछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिससे पता चलता है कि कालान्तर में भारत का निर्यात विश्व का ३३% था। अर्थात विश्व भर में होने वाले कुल निर्यात का ३३% निर्यात भारत से होता था। हम ३५०० वर्षों तक दुनिया में कपडा निर्यात करते रहे क्यों की भारत में उत्तम कोटी का कपास पैदा होता था। तो दुनिता को सबसे पहले कपडा पहनाने वाला देश भारत ही रहा है। कपडे के बाद खान पान की अनेक वस्तुएं भारत दुनिया में निर्यात करता था क्यों कि खेती का सबसे पहले जन्म भारत में ही हुआ है। खान पान के बाद भारत में करीब ९० अलग अलग प्रकार के खनीज भारत भूमी से निकलते है जिनमे लोहा, ताम्बा, अभ्रक, जस्ता, बौक् साईट, एल्यूमीनियम और न जाने क्या क्या होता था। भारत में सबसे पहले इस्पात बनाया और इतना उत्तम कोटी का बनाया कि उससे बने जहाज सैकड़ों वर्षों तक पानी पर तैरते रहते किन्तु जंग नहीं खाते थे। क्यों की भारत में पैदा होने वाला लौह अयस्क इतनी उत्तम कोटी का था कि उससे उत्तम कोटी का इस्पात बनाया गया। लोहे को गलाने के लिये भट्टी लगानी पड़ती है और करीब १५०० डिग्री ताप की जरूरत पड़ती है और उस समय केवल लकड़ी ही एक मात्र माध्यम थी जिसे जलाया जा सके। और लकड़ी अधिकतम ७०० डिग्री ताप दे सकती है फिर हम १५०० डिग्री तापमान कहा से लाते थे वो भी बिना बिजली के? तो पता चलता है कि भारत वासी उस समय कूछ विशिष्ट रसायनों का उपयोग करते थे अर्थात रसायन शास्त्र की खोज भी भारत ने ही की। खनीज के बाद चिकत्सा के क्षेत्र में भी भारत का ही सिक्का चलता था क्यों कि भारत की औषधियां पूरी दुनिया खाती थी। और इन सब वस्तुओं के बदले अफ्रीका जैसे स्वर्ण उत्पादक देश भारत को सोना देते थे। तराजू के एक पलड़े में सोना होता था और दूसरे में कपडा। इस प्रकार भारत में सोने का भण्डार बना। एक ऐसा देश जहाँ गाँव गाँव में दैनिक जीवन की लगभग सभी वस्तुएं लोगों को अपने ही आस पास मिल जाती थी केवल एक नमक के लिये उन्हें भारत के बंदरगाहों की तरफ जाना पड़ता था क्यों कि नमक केवल समुद्र से ही पैदा होता है। तो विश्व का एक इ तना स्वावलंबी देश भारत रहा है और हज़ारों वर्षों से रहा है और आज भी भारत की प्रकृती इतनी ही दयालु है, इतनी ही अमीर है और अब तो भारत में राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में पेट्रोलियम भी मिल गया है तो आज भारत गरीब क्यों है और प्रकृति की कोई दया नहीं होने के बाद यूरोप इतना अमीर क्यों?
आलेख की विषय वस्तु भले ही सर्वज्ञात है किन्तु उसे प्रमाणिक स्वरूप देने का यह य्र्यास अच्छा है …भाषा प्रवाह में कतिपय धत्ता विधानों की कमी तथा पुनरावृति दोष से बचें ..आलेख -कुल मिलाकर देशभक्त पूर्ण है किन्तु मोदी जी को सम्मानित करने के फेर मेंअन्य अनेक गुमनाम वास्तविक .राष्ट्रवादियों की उपेक्षा अपने आप ही हो जाना स्वाभाविक है …दिवस दिनेश गौर का आलेख प्रकाशित कर प्रवक्ता .कॉम ने बेहतरीन देशभक्ति पूर्ण कार्य किया है ..साधुवाद …
इस वेबसाइट पर बिजनेस से संबंधित छोटे-छोटे काम होते हैं और इन्हें ऑनलाइन ही पूरा किया जाता है। इन सभी कामों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर दिया जाता है तथा हिट के आधार पर पैसा दिया जाता है। जैसे- किसी शॉपिंग बिल से आइटम को निकालकर एक्सल सीट में जोडऩा आदि। ऐसे कामों को पूरा करने में सिर्फ 3 मिनट का ही टाइम लगता है, इसके लिए एम टर्क 5 रूपए देती हैं। इस तरह आप 60 हजार रूपए महीना तक कमा सकते हैं। यह एक ऐसा मार्केट प्लेटफॉर्म है, जहां फ्रीलांसर और डेवलपर्स के तौर पर बिजनेस से जुड़ा काम कराया जाता है।

Website – आपको एक वेबसाइट बनाना होगा और उसमे आर्टिकल्स लिखना होगा। वेबसाइट को आप FREE मेभी बना सकते हैं और वेबसाइट बनाना बहुत ही आसान है जोकि 10 मिनट में बन जाता है। आप वेबसाइट के नाम से घबराइए नहीं क्यूंकि ये बहुत ही आसान है और कोई भी इसे बना सकता है। आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं तो आप 100 % वेबसाइट भी बना सकते हैं| मैं आपको वेबसाइट बनाने का तरीका भी बताऊंगा ।
वेबसाइट में आपको पहले पैसे लगाने पड़ते है लेकिन Youtube में आपको किसी भी तरह का पैसा लगाने की जरुरत नहीं है. आप यूट्यूब में अच्छे वीडियो डालकर पैसे कमा सकते हो. और ये वेबसाइट के बाद इन्टरनेट से पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा तरीका है. वेबसाइट और यूट्यूब में अंतर सिर्फ इतना है कि वेबसाइट में आपको लिखना पड़ता है जबकि इसमें आपको वीडियो बनाना पड़ता है दोनो में Google Adsense से विज्ञापन लगते है और जब कोई इन विज्ञापन पर क्लिक करता है तो आपको इसके पैसे मिलते हैं.
मित्रों जैसा कि आप सब लोग जानते ही होंगे कि विश्व में इस समय करीब २०० देश हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के पिछले वर्ष के एक सर्वेक्षण के अनुसार विश्व में ८६ महा दरिद्र देश हैं और उनमे भारत १७वे स्थान पर आता है। अर्थात ६९ महा दरिद्र देश भारत से ज्यादा अमीर हैं। केवल १६ महा दरिद्र देश विश्व में ऐसे हैं जो भारत के बाद आते हैं। दुनिया का सबसे अमीर देश इसके अनुसार स्वीटजरलैंड है। मित्रों अब प्रश्न यहाँ से उठता है कि स्वीटजरलैंड सबसे अमीर कैसे है? मेरे एक परीचित एवं अग्रज तुल्य देश के एक वैज्ञानिक श्री राजिव दीक्षित से मिली एक जानकारी के अनुसार स्वीटजरलैंड में कुछ भी नहीं होता। कुछ भी का मतलब कुछ भी नहीं। वहां किसी प्रकार का कोई व्यापार नहीं है, कोई खेती नहीं, कोई छोटा मोटा उद्योग भी नहीं है। फिर क्या कारण है कि स्वीटजरलैंड दुनिया का सबसे अमीर देश है?
मित्रों जैसा कि आप सब लोग जानते ही होंगे कि विश्व में इस समय करीब २०० देश हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के पिछले वर्ष के एक सर्वेक्षण के अनुसार विश्व में ८६ महा दरिद्र देश हैं और उनमे भारत १७वे स्थान पर आता है। अर्थात ६९ महा दरिद्र देश भारत से ज्यादा अमीर हैं। केवल १६ महा दरिद्र देश विश्व में ऐसे हैं जो भारत के बाद आते हैं। दुनिया का सबसे अमीर देश इसके अनुसार स्वीटजरलैंड है। मित्रों अब प्रश्न यहाँ से उठता है कि स्वीटजरलैंड सबसे अमीर कैसे है? मेरे एक परीचित एवं अग्रज तुल्य देश के एक वैज्ञानिक श्री राजिव दीक्षित से मिली एक जानकारी के अनुसार स्वीटजरलैंड में कुछ भी नहीं होता। कुछ भी का मतलब कुछ भी नहीं। वहां किसी प्रकार का कोई व्यापार नहीं है, कोई खेती नहीं, कोई छोटा मोटा उद्योग भी नहीं है। फिर क्या कारण है कि स्वीटजरलैंड दुनिया का सबसे अमीर देश है?
राजिव भाई दीक्षित के निधन पर मुझे भी बहुत दुःख हुआ, दो दिन तक तो किसी काम में मन ही नहीं लगा, मन में बेचैनी भी थी की एक और अनमोल रत्न भारत माँ ने खो दिया…मै उनसे कई बार मिला…उनके ज्ञान और व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हुआ…उन पर एक लेख लिखने की बहुत इच्छा है, किन्तु कुछ दिनों से अपने ऑफिस के काम से ट्यूर पर ही रहा तो अधिक समय न मिला…किन्तु अब जल्दी ही एक लेख राजिव भाई पर लिखने वाला हूँ…आशा है आपको पसंद आये…

क्यूबर आपको ऑनलाइन शॉपिंग पर कैशबैक का उल्लेख करने और अर्जित करने देता है जो आप करते हैं। आपको बस उस वेबसाइट का चयन करना है, जिसके माध्यम से आप क्यूबर आवेदन से खरीदारी करना चाहते हैं और आपको उस वेबसाइट पर पुनर्निर्देशित किया जाएगा या एक आवेदन जहां आप अपनी पसंद के उत्पाद खरीद सकते हैं। उसी के लिए कैशबैक जल्द ही आपके क्यूबर वॉलेट में जमा कर दिया जाएगा।
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