शेयर बाजार के अलावा मैं आपको यहाँ हिंदी में बताऊंगा बीमा, निवेश और म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में भी. इसके आलावा जानिये टैक्स बचाने के तरीके. साथ ही पैसा बचाने के तरीके और फाइनेंस जगत की तमाम छोटी बड़ी जानकारियाँ हिंदी में. शेयर बाज़ार में निवेश करने का सबसे आसान तरीक़ा है म्यूचूअल फ़ंड के ज़रिए निवेश करना। यहाँ हमारा अलग से पूरा एक वर्ग म्यूचूअल फ़ंड्ज़ को समझने और उनके बारे में जानकारी देने का भी है। Share Market in Hindi  के अलावा पर्सनल फ़ाइनैन्स, टैक्स बचत, रेटायरमेंट और पैसा बचाने के टिप्स भी दिए जाएँगे।
उसके बाद १८७० में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रान्ति छेड़ी हमारे देश के गौरव स्वामी दयानंद सरस्वती ने, उनके बाद लोकमान्य तिलक, लाला लाजपतराय, वीर सावरकर जैसे वीरों ने। फिर गांधी जी, भगत सिंह, उधम सिंह, चंद्रशेखर जैसे बीरों ने। अंतिम लड़ाई लड़ने वालों में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस रहे हैं। सन १९३९ में द्वितीय विश्व युद्ध के समय जब हिटलर इंग्लैण्ड को मारने के लिये तैयार खड़ा था तो अंग्रेज साकार ने भारत से एक हज़ार ७३२ करोड़ रुपये ले जा कर युद्ध लड़ने का निश्चय किया और भारत वासियों को वचन दिया कि युद्ध के बाद भारत को आज़ाद कर दिया जाएगा और यह राशि भारत को लौटा दी जाएगी। किन्तु अंग्रेज अपने वचन से मुकर गए।
वेबसाइट में आपको पहले पैसे लगाने पड़ते है लेकिन Youtube में आपको किसी भी तरह का पैसा लगाने की जरुरत नहीं है. आप यूट्यूब में अच्छे वीडियो डालकर पैसे कमा सकते हो. और ये वेबसाइट के बाद इन्टरनेट से पैसे कमाने के तरीके में सबसे अच्छा तरीका है. वेबसाइट और यूट्यूब में अंतर सिर्फ इतना है कि वेबसाइट में आपको लिखना पड़ता है जबकि इसमें आपको वीडियो बनाना पड़ता है दोनो में Google Adsense से विज्ञापन लगते है और जब कोई इन विज्ञापन पर क्लिक करता है तो आपको इसके पैसे मिलते हैं.
लोगों के बढ़ते शौक ने पैसे की चाहत को इतना बढ़ा दिया है कि हर कोई बस पैसा कमाना चाहता है। चाहे वो नौकरी से हो बिजनेस से या फिर इंटरनेट से हो। जी हां आपने सही सुना इंटरनेट से । अगर आपके पास थोड़ा सा भी फ्री टाइम है और इंटरनेट का थोड़ा बहुत ज्ञान है, तो ऑनलाइन कमाई आपकी आमदनी बढ़ाने का एक शानदार जरिया बन सकता है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं, बल्कि घर बैठ कर आसानी से पैसा कमा सकते हैं, तो आइए जानें उन तरीकों के बारे में जिससे आप घर बैठ कर आसानी से पैसा कमा सकते हैं।
नयाँ पत्रिका लेख्छ– फ्लाई दुबईको जहाजबाट ७ माघमा आएको साढे ३३ किलो सुन विमानस्थलको भन्सार र सुरक्षा संयन्त्र छलेर बाहिर आइपुग्यो । तस्करीको सुन विमानस्थलबाट बाहिर ल्याउने जिम्मा थाई एयरका प्राविधिक सानु बनले लिएका थिए । सानुले जसलाई सुन हस्तान्तरण गरेका थिए त्यो मान्छे अचानक बेपत्ता भयो । ऊ बानेश्वर पुग्नुपर्ने थियो । तर, सुन र मान्छे बेपत्ता भएपछि योजनाकार आत्तिए ।
बांगगढ़ किला कहा जाता है कि सबसे प्रेतवाधित जगह है इंडिया! बंगाल के त्याग किए गए प्राचीन शहर राजस्थान में पहाड़ियों की अरवली पर्वत में सरिस्का रिजर्व की सीमा पर पाए जा सकते हैं। यह 17 में बनाया गया थाth शताब्दी और पहाड़ों के पैर पर भूमि के एक बड़े क्षेत्र को कवर करने वाले मंदिरों, महल और कई द्वार होते हैं। हालांकि इसे 1783 में पूरी तरह से त्याग दिया गया था, स्थानीय लोगों ने अपने गांव को कहीं और ले जाया था।
१३ वैशाख, काठमाडौं । आज बिहीबार, राजधानीबाट प्रकाशित राष्ट्रिय दैनिक पत्रिकाहरुको पहिलो प्राथमिकतामा आर्थिक विषय परेको छ । तथ्यांक विभागले सार्वजनिक गरेको आर्थिक तथ्यांकलाई आधार बनाउँदै देशको अर्थतन्त्रको समीक्षा गरेका छन् । पत्रपत्रिकाका अनुसार, प्रतिव्यक्ति आय १ लाख नाघेको छ । मुलुकको कुल ग्रार्हस्थ उत्पादन ३० खर्ब रुपैयाँमाथि पुगेपछि प्रतिव्यक्ति आम्दानी पनि त्यसैअनुसार बढेको हो ।
author ने उस creature का नाम दिया है , Smokey creature  जो extra ordinary  persistent और dedicated भी है।  उसको हराना बहुत  मुश्किल है।  life मै successful बनाने के लिए खरगोश बनाने भी नहीं चलेगा , जो शुरू के  2-3 दिन तक  excites मै रहता है और बाद में  सब कुछ छोड़ देता है और नाही कछुए बनाने से चलेगा क्यों की कछुआ बनाने से वो average category में आ जायेगा।  लेकिन आजकल  average category मै  competition बहुत ज्यादा है।  इसलिए हमे इस competition  से उप्पर उठाने के लिए   smokey creature  बनाना पड़ेगा। ये smokey बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है बस आपको proper exercise , proper nutritionऔर proper rest  इन तीनो गोल्डन rules को follow करके कोई भी आसानी से smokey बन सकता है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद में सभी स्कूलों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया चल रही है। स्कूलों में सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति, मान्यता, भवन आदि से संबंधित डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। प्रमुख सचिव के निर्देशों पर 25 जून तक यह कार्य पूर्ण किया जाना है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसके लिए वेबसाइट एचटीटीपी://स्कूल्स डॉट आरएमएसए-यूपी डॉट इन शुरू की है। मगर, डाटा ऑनलाइन करने में स्कूल रुचि नहीं दिखा रहे। गुरुवार तक कुछ स्कूलों ने ही वेबसाइट पर अपना ब्यौरा ऑनलाइन किया था। इंटर की मार्कशीट आने के बाद तय समय पर यह कार्य पूर्ण करने को माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बीच का रास्ता निकाला है। विभाग स्कूलों को मार्कशीट नहीं दे रहा है। उन्हें पहले वेबसाइट पर अपने स्कूल से संबंधित जानकारी अपलोड करने को कहा जा रहा है। इसकी प्रति जमा करने पर उन्हें मार्कशीट दी जाएगी।
मित्रों भारत को विश्व में सोने की चिड़िया कहा गया किन्तु एक बात सोचने वाली है कि यहाँ तो कोई सोने की खाने नहीं हैं फिर यहाँ विश्व का सबसे बड़ा सोने का भण्डार बना कैसे? यहाँ प्रश्न जरूर पैदा होते हैं किन्तु एक उत्तर यह मिलता है कि हम हमेशा से गरीब नहीं थे। अब जब भारत में सोना नहीं होता तो साफ़ है कि भारत में सोना आया विदेशों से। किन्तु हमने तो कभी किसी देश को नहीं लूटा। इतिहास में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे भारत पर ऐसा आरोप लगाया जा सके कि भारत ने अमुक देश को लूटा, भारत ने अमुक देश को गुलाम बनाया, न ही भारत ने आज कि तरह किसी देश से कोई क़र्ज़ लिया फिर यह सोना आया कहाँ से? तो यहाँ जानकारी लेने पर आपको कूछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिससे पता चलता है कि कालान्तर में भारत का निर्यात विश्व का ३३% था। अर्थात विश्व भर में होने वाले कुल निर्यात का ३३% निर्यात भारत से होता था। हम ३५०० वर्षों तक दुनिया में कपडा निर्यात करते रहे क्यों की भारत में उत्तम कोटी का कपास पैदा होता था। तो दुनिता को सबसे पहले कपडा पहनाने वाला देश भारत ही रहा है। कपडे के बाद खान पान की अनेक वस्तुएं भारत दुनिया में निर्यात करता था क्यों कि खेती का सबसे पहले जन्म भारत में ही हुआ है। खान पान के बाद भारत में करीब ९० अलग अलग प्रकार के खनीज भारत भूमी से निकलते है जिनमे लोहा, ताम्बा, अभ्रक, जस्ता, बौक् साईट, एल्यूमीनियम और न जाने क्या क्या होता था। भारत में सबसे पहले इस्पात बनाया और इतना उत्तम कोटी का बनाया कि उससे बने जहाज सैकड़ों वर्षों तक पानी पर तैरते रहते किन्तु जंग नहीं खाते थे। क्यों की भारत में पैदा होने वाला लौह अयस्क इतनी उत्तम कोटी का था कि उससे उत्तम कोटी का इस्पात बनाया गया। लोहे को गलाने के लिये भट्टी लगानी पड़ती है और करीब १५०० डिग्री ताप की जरूरत पड़ती है और उस समय केवल लकड़ी ही एक मात्र माध्यम थी जिसे जलाया जा सके। और लकड़ी अधिकतम ७०० डिग्री ताप दे सकती है फिर हम १५०० डिग्री तापमान कहा से लाते थे वो भी बिना बिजली के? तो पता चलता है कि भारत वासी उस समय कूछ विशिष्ट रसायनों का उपयोग करते थे अर्थात रसायन शास्त्र की खोज भी भारत ने ही की। खनीज के बाद चिकत्सा के क्षेत्र में भी भारत का ही सिक्का चलता था क्यों कि भारत की औषधियां पूरी दुनिया खाती थी। और इन सब वस्तुओं के बदले अफ्रीका जैसे स्वर्ण उत्पादक देश भारत को सोना देते थे। तराजू के एक पलड़े में सोना होता था और दूसरे में कपडा। इस प्रकार भारत में सोने का भण्डार बना। एक ऐसा देश जहाँ गाँव गाँव में दैनिक जीवन की लगभग सभी वस्तुएं लोगों को अपने ही आस पास मिल जाती थी केवल एक नमक के लिये उन्हें भारत के बंदरगाहों की तरफ जाना पड़ता था क्यों कि नमक केवल समुद्र से ही पैदा होता है। तो विश्व का एक इ तना स्वावलंबी देश भारत रहा है और हज़ारों वर्षों से रहा है और आज भी भारत की प्रकृती इतनी ही दयालु है, इतनी ही अमीर है और अब तो भारत में राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में पेट्रोलियम भी मिल गया है तो आज भारत गरीब क्यों है और प्रकृति की कोई दया नहीं होने के बाद यूरोप इतना अमीर क्यों?
किन्तु आज भी अंग्रेजों के बनाए सभी क़ानून यथावत चल रहे हैं अंग्रेजों की चिकित्सा पद्धति यथावत चल रही है। और कूछ काम तो हमारे देश के नेताओं ने अंग्रेजों से भी बढ़कर किये। अंग्रेजों ने भारत को लूटने के लिये २३ प्रकार के टैक्स लगाए किन्तु इन काले अंग्रेजों ने ६४ प्रकार के टैक्स हम भारत वासियों पर थोप दिए। और इसी टैक्स को बचाने के लिये देश के लोगों ने टैक्स की चोरी शुरू की जिससे काला बाजारी जैसी समस्या सामने आई। मंत्रियों ने इतने घोटाले किये कि देश की जनता भूखी मरने लगी। भारत की आज़ादी के बाद जब पहली बार संसद बैठी और चर्चा चल रही थी राष्ट्र निर्माण की तो कई सांसदों ने नेहरु से कहा कि वह इंग्लैण्ड से वह उधार की राशी मांगे जो द्वितीय विश्व युद्ध के समय अंग्रेजों ने भारत से उधार के तौर पर ली थी और उसे राष्ट्र निर्माण में लगाए। किन्तु नेहरु ने कहा कि अब वह राशि भूल जाओ। तब सांसदों का कहना था कि इन्होने जो २०० साल तक हम पर जो अत्याचार किया है क्या उसे भी भूल जाना चाहिए? तब नेहरु ने कहा कि हाँ भूलना पड़ेगा, क्यों कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में सब कूछ भुलाना पड़ता है। और तब यही से शुरुआत हुई सता की लड़ाई की और राष्ट्र निर्माण तो बहुत पीछे छूट गया था।
4 तुम्हारे बीच लड़ाइयाँ और झगड़े कहाँ से आए? क्या इनकी जड़ तुम्हारे ही अंदर नहीं? क्या ये शरीर का सुख पाने की तुम्हारी ज़बरदस्त लालसाओं की वजह से नहीं, जो तुम्हारे अंगों में लगातार युद्ध करती रहती हैं? 2 तुम चाहते तो हो, फिर भी तुम्हें मिलता नहीं। तुम खून करते और लालच करते हो, और फिर भी हासिल नहीं कर पाते। तुम लड़ाइयाँ और युद्ध करते रहते हो। तुम्हारे पास इसलिए नहीं है, क्योंकि तुम माँगते नहीं। 3 तुम माँगते तो हो, और फिर भी नहीं पाते, क्योंकि तुम गलत इरादे से माँगते हो ताकि तुम इसे शरीर का सुख पाने की लालसाओं पर उड़ा दो।
अगर आप अपने फ़ोन के ब्लैक एंड वाइट कीबोर्ड से दुखी है तो आप इसका इस्तेमाल कर न सिर्फ रंगीन कीबोर्ड इस्तेमाल कर सकते हैं, साथ ही पैसे भी कमा सकते है. यहां आपको केवल इस एप को इनस्टॉल करना होगा जिसके बाद आपको यह एप आपके चैट्स और आपके सर्च के आधार पर विज्ञापन दिखाएगा. हर विज्ञापन को देखने के आपको 1 रुपये मिलेगा जो कि आपके keettoo अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा. इस एप को आप अपने paytm या mobikwik खाते से जोड़ सकते है.

आप कोई भी goal सेट कर उससे पहले , author ने अपने आपसे एक question  पूछने के लिए कहा है। question :- " Are My Goal Equals To My Potentials ?”  author की मुताबिक हम खुद ही नहीं जानते की हमारा potential  कितना ज़्यदा है ? इसलिए वो हमें suggest करते है अब जो हमें हमारा highest potential   लग रहा  है उस्से 10 से multiply करके , उसके मुताबिक हमें Goal सेट करना चाहिए।  काफी समय क्या होता है , हम ऐसे goal सेट कर लेते है जो  हमारे potential को बिलकुल भी match नहीं करता है।  इस problem  की solution के तोर पर author कहते है  की हम सबको सबसे पहले 1 year के मुताबिक एक बड़ा goal सेट करना होगा ,जो हमारे potential   के मुताबिक हो , उसके बाद उसको 10 से multiply  करके फिर उसको target बनाना है।  उसके बाद archive करने के लिए हर month के मुताबिक और finally हर दिन में कितना प्रोग्रेस करना चाहिए , उस हिसाब से चलना चाहिए।    


Paisa Kamaane Ke Galat Tarike Va Upay : इस दुनिया में हर व्यक्ति पैसा कामना चाहता है कोई अच्छे कामो से कमा लेता है तो जॉब करता है या कोई बिज़नेस करता है हर किसी का पैसे कमाने का अपना-2 तरीका होता है | इन तरीको में लोग 2 तरह की कमाई करते है जिसे हम कहते है 1 नंबर की कमाई व 2 नंबर की कमाई | एक नंबर की कमाई में वो रोज़गार आता है जो हम ईमानदारी से कमाते है व दो नंबर की कमाई में वह पैसा आता है जो हम दो नंबर से कमाते है यानि की बेईमानी से व गलत तरीके से कमाते है इसीलिए हम आपको गलत तरीके से पैसा कमाने के टोटके के कुछ उपाय व तरीको के बारे में बताते है जिन उपायों को पढ़ कर आप भी कमा सकते है व जान सकते है |
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हेलो दोस्तों हर किसी के मन में एक यही सवाल चलता रहता है क्या अमीर कैसे बने हां तो दोस्तों आज मैं आपको बताऊंगा अमीर बनने के कुछ ऐसे तरीके जो फिर आप किसी से नहीं बोलोगे क्या अमीर कैसे बने अगर दोस्तों मेरे बताए हुए यह 3 नियम और 3 तरीके आजमाते हो तो आपको कोई भी अमीर बनने से नहीं रोक सकता दोस्तों अब आपको यह पूरा पोस्ट विस्तार से पढ़ना है ताकि आपके समझ में सब कुछ आ जाए
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आपने जरुर इस बिज़नेस का नाम तोह सुना ही होगा,इस बिज़नेस के द्वारा भी हम crorepati बन सकते है,इस बिज़नेस में हमें product को डायरेक्ट बेचना है,यानी हमें product को खरीदकर दुसरे लोगो को इस product को खरीदने के लिए सुझाव देना होगा,हमें ये काम अकेले नहीं करना होता बल्कि लोगो को काम पर रखकर ये काम करना होता है,इस बिज़नेस में ख़ास बात ये होती है की हम इस बिज़नेस में लोगो को काम पर रख सकते है,और हमें उन्हें पैसे देने के लिए महीने का खर्चा भुगतने की जरुरत भी नहीं होती.
और आज इन्ही काले अंग्रेजों की संताने आज हम पर शाशन कर रही हैं। वरना क्या वजह है कि मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में नयी दुनिया नामक एक अखबार की पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे चिताम्बरम ने यह कहा कि भारत तो हज़ारों वर्षों से भयंकर गरीब देश है। और इन्ही काले अंग्रेजों की एक और संतान हमारे प्रधान मंत्री जी हैं। जब ये प्रधान मंत्री बनने के बाद पहली बार ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय गए तो वहां उन्हà ��ंने कहा कि भारत तो सदियों से गरीब देश रहा है, ये तो भला हो अंग्रेजों का जिन्होंने आकर हमें अँधेरे से बाहर निकाला, हमारे देश में ज्ञान का सूरज लेकर आये, हमारे देश का विकास किया आदि आदि। अगले दिन लन्दन के सभी बड़े बड़े अखबारों में हैडलाइन छपी थी की भारत शायद आज भी मानसिक रूप से हमारा गुलाम है। और ये वही काले अंग्रेज हैं जो खुद तो देश का पैसा स्विस बैंक में जमा करते गए किन्तु गुजरात जैसे प्रदेश में भी विकास करने वाले नरेन्द्र भाई मोदी पर पता नहीं क्या क्या घटिया आरोप लगाते रहे। मानसिक गुलामी की बाढ़ इतनी आगे बढी कि हमारा मीडिया भी उसमे गोते खाने लगा। देश पर २०० साल तक राज़ करने वाली ईस्ट इण्डिया कम्पनी को एक भारतीय उद्योगपति संजीव मेहता ने १५० लाख डॉलर मूल्य देकर खरीद लिया, जिस कम्पनी ने भारत को २०० साल गुलाम बनाया वह कम्पनी आज एक भारतीय की गुलाम हो गयी है, किन्तु देश के किसी भी चैनल पर इसे नहीं देखा गया क्यों कि हमारा टीआरपी पसाद मीडिया तो उस समय सानिया शोएब की कथित प्रेम कहानी को कवर करने में बिजी था न, उस समय देश से ज्यादा शायद ये दो प्रेम के पंछी मीडिया के लिये जरूरी थे।
भाषा प्रवाह में कमी और पुनरावृति दोष को मै भी स्वीकार करता हूँ, क्यों कि मै अभी अभी लेखन से जुड़ा हूँ| पेशे से इंजीनियर हूँ अत: तकनीकी में रहते हुए लेखन से दूर रहा, किन्तु अब आगे लिखता रहूँगा| आशा है मेरे आने वाले लेख आपको पसंद आएं| और रही बात नरेन्द्र भाई मोदी की तो तिवारी जी विचारों में भिन्नता के कारण शायद आपका मेरा मतभेद रहे इस मामले में, क्यों कि मैंने खुद गुजरात के विकास को भली प्रकार से देखा है| राजस्थान का रहने वाला हूँ, गुजरात का पड़ोसी होने के कारण उसे काफी कुछ जानता हूँ|
यदि आप उन लोगों में से एक हैं जो स्वेच्छा से या अनिच्छा से – समय पर अपने क्रेडिट कार्ड और उपयोगिता बिल का भुगतान नहीं करते हैं तो आप इसे जाने बिना बहुत सारे पैसे बर्बाद कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपके पास 2 क्रेडिट कार्ड हैं और आप समय पर देय न्यूनतम राशि को जमा करना भूल जाते हैं, तो आप अकेले देर से शुल्क में बहुत से पैसे का भुगतान करेंगे. मान लीजिए कि आप देर से शुल्क के रूप में हर महीने 1,000 रुपये का भुगतान कर रहे हैं. हालांकि, यदि हर महीने एक ही योजना में निवेश किया जाता है, जो सालाना 8 फीसदी देता हो तो यह वास्तव में आपको 30 सालों में में करीब 15 लाख रुपये ला सकता है. इस प्रकार, यह उल्लेख किए बिना पता चल जाता है कि समय पर हमारे बिलों का भुगतान नहीं करना सबसे बड़ी गलतियों में से एक है जिसे हम आम तौर पर करते हैं और जिसे पहले से बचा जाना चाहिए!
भारतीयों ने निर्धारित समय और शूटऑफ में कई मौके गंवाए । दोनों टीमें 60 मिनट के बाद 2-2 से बराबरी पर थी । शूट ऑफ में मलेशिया ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरी बार एशियाड फाइनल में प्रवेश किया। भारत ने ग्रुप चरण में 76 गोल किये लेकिन सडन डैथ में एस वी सुनील मौका चूक गए। आकाशदीप सिंह और हरमनप्रीत सिंह पहले पांच शाट में गोल कर सके जबकि मनप्रीत, दिलप्रीत सिंह और सुनील चूक गए।
22 लेकिन वचन पर चलनेवाले बनो,+ न कि सिर्फ सुननेवाले जो झूठी दलीलों से खुद को धोखा देते हैं। 23 क्योंकि जो कोई वचन को सुनता है मगर उस पर चलता नहीं,+ वह उस इंसान के जैसा है जो आईने में अपना* चेहरा देखता है। 24 वह अपनी सूरत देखता है और चला जाता है और फौरन भूल जाता है कि वह किस तरह का इंसान है। 25 मगर जो इंसान आज़ादी दिलानेवाले खरे कानून को करीब से जाँचता* है+ और उसमें लगा रहता है, ऐसा इंसान सुनकर भूलता नहीं मगर उस पर चलता है और इससे वह खुशी पाता है।+
मित्रों भारत को विश्व में सोने की चिड़िया कहा गया किन्तु एक बात सोचने वाली है कि यहाँ तो कोई सोने की खाने नहीं हैं फिर यहाँ विश्व का सबसे बड़ा सोने का भण्डार बना कैसे? यहाँ प्रश्न जरूर पैदा होते हैं किन्तु एक उत्तर यह मिलता है कि हम हमेशा से गरीब नहीं थे। अब जब भारत में सोना नहीं होता तो साफ़ है कि भारत में सोना आया विदेशों से। किन्तु हमने तो कभी किसी देश को नहीं लूटा। इतिहास में ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं है जिससे भारत पर ऐसा आरोप लगाया जा सके कि भारत ने अमुक देश को लूटा, भारत ने अमुक देश को गुलाम बनाया, न ही भारत ने आज कि तरह किसी देश से कोई क़र्ज़ लिया फिर यह सोना आया कहाँ से? तो यहाँ जानकारी लेने पर आपको कूछ ऐसे सबूत मिलेंगे जिससे पता चलता है कि कालान्तर में भारत का निर्यात विश्व का ३३% था। अर्थात विश्व भर में होने वाले कुल निर्यात का ३३% निर्यात भारत से होता था। हम ३५०० वर्षों तक दुनिया में कपडा निर्यात करते रहे क्यों की भारत में उत्तम कोटी का कपास पैदा होता था। तो दुनिता को सबसे पहले कपडा पहनाने वाला देश भारत ही रहा है। कपडे के बाद खान पान की अनेक वस्तुएं भारत दुनिया में निर्यात करता था क्यों कि खेती का सबसे पहले जन्म भारत में ही हुआ है। खान पान के बाद भारत में करीब ९० अलग अलग प्रकार के खनीज भारत भूमी से निकलते है जिनमे लोहा, ताम्बा, अभ्रक, जस्ता, बौक् साईट, एल्यूमीनियम और न जाने क्या क्या होता था। भारत में सबसे पहले इस्पात बनाया और इतना उत्तम कोटी का बनाया कि उससे बने जहाज सैकड़ों वर्षों तक पानी पर तैरते रहते किन्तु जंग नहीं खाते थे। क्यों की भारत में पैदा होने वाला लौह अयस्क इतनी उत्तम कोटी का था कि उससे उत्तम कोटी का इस्पात बनाया गया। लोहे को गलाने के लिये भट्टी लगानी पड़ती है और करीब १५०० डिग्री ताप की जरूरत पड़ती है और उस समय केवल लकड़ी ही एक मात्र माध्यम थी जिसे जलाया जा सके। और लकड़ी अधिकतम ७०० डिग्री ताप दे सकती है फिर हम १५०० डिग्री तापमान कहा से लाते थे वो भी बिना बिजली के? तो पता चलता है कि भारत वासी उस समय कूछ विशिष्ट रसायनों का उपयोग करते थे अर्थात रसायन शास्त्र की खोज भी भारत ने ही की। खनीज के बाद चिकत्सा के क्षेत्र में भी भारत का ही सिक्का चलता था क्यों कि भारत की औषधियां पूरी दुनिया खाती थी। और इन सब वस्तुओं के बदले अफ्रीका जैसे स्वर्ण उत्पादक देश भारत को सोना देते थे। तराजू के एक पलड़े में सोना होता था और दूसरे में कपडा। इस प्रकार भारत में सोने का भण्डार बना। एक ऐसा देश जहाँ गाँव गाँव में दैनिक जीवन की लगभग सभी वस्तुएं लोगों को अपने ही आस पास मिल जाती थी केवल एक नमक के लिये उन्हें भारत के बंदरगाहों की तरफ जाना पड़ता था क्यों कि नमक केवल समुद्र से ही पैदा होता है। तो विश्व का एक इ तना स्वावलंबी देश भारत रहा है और हज़ारों वर्षों से रहा है और आज भी भारत की प्रकृती इतनी ही दयालु है, इतनी ही अमीर है और अब तो भारत में राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर में पेट्रोलियम भी मिल गया है तो आज भारत गरीब क्यों है और प्रकृति की कोई दया नहीं होने के बाद यूरोप इतना अमीर क्यों?
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने आज नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि मंत्रालय लगातार काम कर रहा है। इस लक्ष्‍य को प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक सात सूत्रीय कार्यनीति का भी आह्वान किया है जिसका विवरण निम्‍नानुसार है:
Website – आपको एक वेबसाइट बनाना होगा और उसमे आर्टिकल्स लिखना होगा। वेबसाइट को आप FREE मेभी बना सकते हैं और वेबसाइट बनाना बहुत ही आसान है जोकि 10 मिनट में बन जाता है। आप वेबसाइट के नाम से घबराइए नहीं क्यूंकि ये बहुत ही आसान है और कोई भी इसे बना सकता है। आप इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं तो आप 100 % वेबसाइट भी बना सकते हैं| मैं आपको वेबसाइट बनाने का तरीका भी बताऊंगा ।
क्यूबर न केवल एक तेज रिचार्ज ऐप है बल्कि यह आपको अपने दोस्तों को इसे संदर्भित करके पक्ष में कमाता है। क्यूबर एक समृद्ध समुदाय बन जाता है जो आपको जीवनकाल में रॉयल्टी कमाता है, तब भी जब आप सक्रिय रूप से इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। यह सबसे बड़ा फायदा है और सरल है – ऐप को अपने मित्रों को देखें और कमाएं एक पूर्व निर्धारित नकद बैक दर संरचना के अनुसार, आपके मित्रों द्वारा किए जाने वाले किसी भी लेन-देन के लिए, आपको उस लेन-देन पर नकद वापस राशि मिलती है। यह दर 14 स्तर तक तय की जाती है, अर्थात् 14 वीं स्तर तक रेफरल के लिए, आप क्यूबर वॉलेट पैसे कमा सकते हैं। क्यूबर केवल रिचार्ज, यूटिलिटी बिल और शॉपिंग और कैशबैक सुविधाओं के साथ कैशबैक ऐप को देखें और कमाएं
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